

✍️✍️✍️✍️✍️अखंड भारत न्यूज़ जियाउद्दीन अंसारी
शहडोल – मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ज़ीतू पटवारी ने गुरुवार को शहडोल में आयोजित जन आक्रोश रैली को संबोधित करते हुए मोहन सरकार पर दमन, भ्रष्टाचार और माफिया राज चलाने के गंभीर आरोप लगाए।
रैली में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान, युवा और आम नागरिक शामिल हुए।
पटवारी ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज नहीं, बल्कि “माफिया और सत्ता के गठजोड़” का शासन चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन भाजपा के इशारे पर लोकतांत्रिक विरोध को कुचलने का काम कर रहा है।
*रैली के प्रमुख मुद्दे*
*दूषित पेयजल संकट*
शहडोल शहर और आसपास के क्षेत्रों में गंदे पानी की आपूर्ति पर कड़ी नाराजगी जताई गई। पटवारी ने कहा कि जनता को पीने का साफ पानी तक न मिलना सरकार की सबसे बड़ी विफलता है।
*अवैध रेत और कोयला खनन*
रेत व कोयला माफिया पर पुलिस और प्रशासनिक संरक्षण का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।
*लाठीचार्ज और नाबालिग की गिरफ्तारी*
मुख्यमंत्री दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज और एक नाबालिग की गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया गया। पटवारी ने इसे सत्ता की घबराहट करार दिया।
*बेरोजगारी और किसान संकट*
युवाओं को रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा किसानों को उनकी फसलों का उचित समर्थन मूल्य देने की मांग प्रमुखता से उठी।
पटवारी के भाषण की मुख्य बातें
पटवारी ने कहा
“प्रदेश में भाजपा का नहीं, माफिया का राज चल रहा है। कलेक्टर खुद डंडा लेकर कार्यकर्ताओं पर हमला कर रहे हैं। अगर सच बोलना अपराध है, तो कांग्रेस जेल जाने से नहीं डरेगी।” उन्होंने जनता से डर के बजाय संघर्ष का रास्ता अपनाने और लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की।
रैली से जुड़े अतिरिक्त बिंदु
महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस और किसान कांग्रेस की सक्रिय भागीदारी
स्थानीय समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की घोषणा आगामी दिनों में संभाग स्तरीय आंदोलन की रूपरेखा तैयार सोशल मीडिया और जनसंपर्क अभियान तेज करने का निर्णय आगे की रणनीति
रैली के बाद दोपहर 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस द्वारा आगामी आंदोलन और कानूनी कदमों की रणनीति साझा किए जाने की संभावना है।
वहीं प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कांग्रेस ने इसे जनता की आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए कहा कि यह आंदोलन सरकार के खिलाफ जनमत तैयार करने की एक बड़ी शुरुआत है।

