PMO और सांसद के हस्तक्षेप से दोषियों पर गाज गिरना तय
छिंदवाड़ा: मुख्यमंत्री कन्यादान एवं निकाह योजना में हुई कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जिले के सक्रिय समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया द्वारा छेड़ी गई मुहिम अब अपने निर्णायक चरण में पहुँच गई है। इस मामले में माननीय प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और क्षेत्रीय सांसद विवेक बंटी साहू के सीधे हस्तक्षेप के बाद जांच की रफ्तार तेज हो गई है, जिससे भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और दोषियों में हड़कंप मच गया है।
*मुख्य बातें:* PMO का सख्त रुख: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत, प्रधानमंत्री कार्यालय ने रिंकू रितेश चौरसिया की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए हैं।
*सांसद का सक्रिय समर्थन:* स्थानीय सांसद विवेक बंटी साहू ने भी इस मुद्दे पर प्रभावी पत्र जारी कर प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है, जिससे स्थानीय प्रशासन पर कार्यवाही का दबाव बढ़ा है।
*साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी:* समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और जिला कलेक्टर को दस्तावेजी सबूतों के साथ शिकायत सौंपी थी। इन पुख्ता सबूतों के कारण दोषियों का बचना अब नामुमकिन नजर आ रहा है।
*इसी सप्ताह बड़ी कार्यवाही की उम्मीद:* वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जांच प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इसी सप्ताह दोषियों पर कड़ी गाज गिर सकती है।
*समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया का वक्तव्य:* “यह केवल मेरी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं, बल्कि उन गरीब बेटियों के हक की लड़ाई है जिनके नाम पर भ्रष्टाचार किया गया। माननीय प्रधानमंत्री और सांसद जी के पत्रों ने इस संघर्ष को नई शक्ति प्रदान की है। अब भ्रष्टाचार का अंत निकट है और दूध का दूध, पानी का पानी होकर रहेगा।” यह संघर्ष न केवल क्षेत्र में पारदर्शिता लाएगा बल्कि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए एक मिसाल कायम करेगा।