

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ़ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुरः उत्तर प्रदेश विधान परिषद की ‘‘संसदीय अध्ययन समिति’’ की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट स्थित डॉ एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में मा. सभापति श्री किरण पाल कश्यप के सभापतित्व में जनपद हमीरपुर एवं महोबा के अधिकारियों के साथ सम्पन्न हुई।
समीक्षा के दौरान मा. सभापति महोदय द्वारा जनपद हमीरपुर एवं महोबा के अधिकारियों से वर्तमान सरकार के गठन के पश्चात मा. सांसदों, मा. विधायकों एवं मा. जनप्रतिनिधियों द्वारा सरकार एवं शासन तथा प्रदेश के जनपदों में भेजे गए पत्रों तथा उनके सापेक्ष की गयी कार्यवाही के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गयी। तद्क्रम में माण् सभापति द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मा. जनप्रतिनिधियों के पत्रों को गम्भीरता से लिया जाए और तत्काल आवश्यक कार्यवाही करते हुए पत्र के सापेक्ष लिखित जवाब देकर अवगत कराया जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी। उन्होने बताया कि जनहित में किए गए कार्यो की समीक्षा करना तथा जनतंत्रीय प्रणाली को सुदृढ़ बनाना इस समिति का मुख्य उद्देश्य है। उन्होने कहा कि विकास के लिए सरकार से जो भी पैसा मिले उसे समयबद्ध रूप से विकास कार्यों में खर्च किया जाए तथा दोनों जनपदों में जो क्षेत्र पिछड़े हैं या विकास से दूर हैं उन पर फोकस किया जाए। हमारी पहचान हमारे अच्छे कामों व व्यवहार से होनी चाहिए। हम और आप एक दूसरे के पूरक हैं और हमारे लिए जनता का हित सर्वोपरि है इसलिए ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होने संबंधित अधिकारियों से दोनो जनपदों की गौशालाओं की स्थिति एवं उनमें संरक्षित पशुओं की जानकारी लेते हुए कहा कि शतप्रतिशत अन्ना पशुओं को संरक्षित करें, ताकि किसान एवं उनकी फसलों की सुरक्षा हो सके और गौवंश भी अनावश्यक दुर्घटनाओं का शिकार न हो। अन्त्योदय राशन कार्ड पात्र व्यक्तियों को ही उपलब्ध कराए जाएं तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सरकार की मंशा के मुताबिक जनसामान्य को मिले। विकास कार्य जमीनी स्तर पर दिखाई दें और सरकार से जो भी पैसा प्राप्त हो, उसका सदुपयोग हो।
समीक्षा बैठक में समिति के अनुसचिव श्री विनोद यादव, डीएम हमीरपुर श्री घनश्याम मीना, डीएम महोबा श्रीमती गजल भारद्वाज, एसपी हमीरपुर डॉ दीक्षा शर्मा, एसपी महोबा श्री प्रबल प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी हमीरपुर, मुख्य विकास अधिकारी महोबा सहित दोनों जनपदों के संबंधित अधिकारी गण आदि मौजूद रहे।