
रबी फसलों में कीट-व्याधि प्रबंधन करें किसान..
फसलों में कीट-व्याधि प्रबंधन विषय पर कृषक वैज्ञानिक वार्ता का आयोजन

संवाददाता। रणजीत कुमार। जहानाबाद। संयुक्त कृषि भवन, काको रोड के सभागार में आत्मा के द्वारा रबी मौसम में लगाई जाने वाली फसलों में कीट-व्याधि प्रबंधन विषय पर कृषक वैज्ञानिक वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला कृषि पदाधिकारी- संभावना एवं वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र गंधार- डाॅ वाजिद हसन के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। मौके पर वरीय वैज्ञानिक-सह- प्रधान- डॉ मुनेश्वर प्रसाद, आत्मा के दोनों उप परियोजना निदेशक- राकेश कुमार एवं अनुप्रिति माला, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण- मो. जावेद आलम उपस्थित रहे। अपने सम्बोधन में जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा किसानों को समेकित कीट प्रबंधन के तहत पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए फसलों में कीट-व्याधि का समुचित प्रबंधन करने की सलाह दी गई। साथ ही उनके द्वारा बताया गया की फसलों में रासायनिक कीटनाशक का प्रयोग कम करते हुए प्राकृतिक एवं जैविक विकल्प का चयन करें। सहायक निदेशक पौधा संरक्षण ने बताया की कीट व्याधि का नियंत्रण नहीं करने से न केवल उत्पादन में एक तिहाई तक की कमी आती है, साथ ही गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। उन्होंने बताया की फसलों में फफूंद एवं कीटों के नियंत्रण के लिए कृषकगण बीज बोने से पहले बीजोपचार जरूर करेंगे। वैज्ञानिक-डॉ वाजीद हसन के द्वारा बीजोपचार की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि बीजोपचार करते समय किसान पहले फफूंदनाशक फिर कीटनाशक तदुपरांत दलहनी फसलों के लिए रायजोबियम का प्रयोग अवश्य करेंगे। बीजोपचार करने के बाद हमेशा बीज को छायेदार जगह पर रखने के बाद बुआई करें। उनके द्वारा फसल उत्पादन पद्धति में किसानों को विभिन्न फसलों जैसे- गेहूं, चना, मसूर एवं आलू लगाने में कीट-व्याधि से संबंधित आने वाली समस्याओं के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान, कृषि विज्ञान केंद्र- डॉ मुनेश्वर प्रसाद ने किसानों को बताया कि कीट व्याधि प्रबंधन में आधुनिक कृषि यंत्र-जैसे ड्रोन, इत्यादि का उपयोग वर्तमान समय में आवश्यक हो गया है। इसमे समय की काफी बचत होती है। साथ ही किसान थोड़े खर्च में अत्यधिक लाभ प्राप्त कर सकते है। सरकार द्वारा ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव के लिए अनुदान भी दिया जा रहा है। मौके पर पौधा संरक्षण पर्यवेक्षक- लाल बहादुर के अलावा किसानों में मीना कुमारी, महेश कुमार, सत्येन्द्र कुमार, नागेंद्र सिंह, सुबोध यादव, श्यामकिशोर शर्मा, सरिता कुमारी, आरती कुमारी आदि मौजूद रहे।