A2Z सभी खबर सभी जिले की

शताब्दी वर्ष के निमित्त निकला पथ संचलन

राष्ट्र प्रेम का अलख जगाते कदमताल चले स्वयं सेवक... रंगोली बनाकर और पुष्प वर्षा कर किया स्वयं सेवकों का भव्य स्वागत.... दिखी सामाजिक समरसता... 

गली गली गूंजा..

हम करे राष्ट्र आराधन… गीत

संघे शक्ति कलयुगे… मंत्र

Related Articles

रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर। जिला धार।। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का पथ संचलन मनावर नगर मे चैतन्यधाम मैदान से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गो से होकर निकला। जिसमें मनावर नगर कि पांचों बस्तियों से एक हजार से अधिक स्वयं सेवकों ने भाग लिया। संचलन में देशभक्ति के गीत गाते हुए घोष दल के साथ स्वयं सेवक उत्साह पूर्वक कदम से कदम मिलाकर चल रहे थे। वहीं नगरवासियो, बच्चों, महिलाओं द्वारा स्वंयसेवको पर पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत, अभिनन्दन किया गया। जगह जगह रंगोली बनाई गई। तोरण द्वार से गली मोहल्लों को सजाया गया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राजेंद्र पाटीदार जिला संघचालक, आशीष गंगवाल खंड संघ चालक, लालसिंह मेडा समाज सेवी एवं मुख्य वक्ता महेश अग्रवाल प्रांत कुटुम्ब प्रबोधन संयोजक मंचासिन थे।

श्री अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सम्पूर्ण विश्व में भारतमाता का यशोगान हो रहा है, वर्तमान में संघ अपने 100 वर्षों की यात्रा पूर्ण कर रहा है। इस यात्रा में असंख्य कार्यकर्ता मां भारती के चरणों में विसर्जित हो गए। धार जिले में 1936 से संघ कार्य प्रांरभ हो चूका था। संघ कार्य दैवीय कार्य हैं। हिन्दू समाज का कल्याण संघठित रहने से ही होगा। आगामी जनवरी माह मे हिन्दू सम्मेलन के लिए कार्यकर्ताओं से प्रत्येक हिन्दू घर तक संपर्क करने का आग्रह करते हुए पंच परिवर्तन (सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण, नागरिक कर्तव्य एवं स्वदेशी) के भाव का जागरण सभी मे हो ऐसा आग्रह किया गया।

विजयादशमी के अवसर तथा संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने पर नगर देशभक्ति के रंग में रंग गया, जब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का पथ संचलन पूरे जोश, अनुशासन और एकता के साथ नगर की सड़कों से गुज़रा। ऐसा लग रहा था मानो हर गली मोहल्ला, चौक चौराहा देशभक्ति की भावना से गूंज रहा हो। ये सिर्फ एक पथ संचलन नहीं था, बल्कि ऐसा नज़ारा था जिसने हर किसी के दिल में राष्ट्रप्रेम की भावना जगा दी। एक हजार से अधिक स्वयं सेवकों की एकरूप वेशभूषा, कदम से कदम मिलाकर चलती कतारें, और घोष की गूंजती धुनों ने जैसे पूरे शहर को राष्ट्र प्रेम की एक अनोखी माला में पिरो दिया। संचलन में कई वाहिनियों में पांचों बस्तियों से आए स्वयंसेवकों को बांटा गया। ये सभी वाहिनी एक के पीछे एक अनुशासित तरीके से संचलन का एक बहुत ही प्रखर स्वरूप प्रकट कर रही थी।

संचलन चैतन्य धाम से प्रारंभ होकर आजाद मार्ग, दुर्गामाता मंदिर, बंकनाथ चौक, बारिया चौक, बाबा साहब चौक, दनादन चौपाटी, दर्जी मोहल्ला, लोहार पट्टी, अस्पताल के पीछे, सनन चौपाटी, टावर चौराहा, क्रांति चौपाटी, मंगल पांडे चौक, कोर्ट रोड़, अंबेडकर चौराहा, गांधी नगर, मेला मैदान, ग्रिड रोड़, वीआईपी चौराहा, गांधी चौराहे होते हुए पुनः चैतन्य धाम मैदान पहुंचकर समापन हुआ।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!