
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां 9783029649
कामां – आज 28 सितम्बर को विश्व रेबीज़ दिवस (World Rabies Day) के मौके पर डॉ पवन चौधरी कामां के समीप गॉंव बादीपुर गौशाला पहुंचे जहां उन्होंने गौशाला में कार्यरत्त कर्मचारियों को जो वहाँ की गौ माताओं की सेवा करते हैं उनको रैबीज के बारे में बताया उन्होंने बताया कि यह दिवस हर वर्ष लोगों को इस घातक परंतु पूर्णत: रोकथाम योग्य रोग के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है।
डॉ पवन चौधरी ने बताया कि रेबीज़ एक ऐसा संक्रामक रोग है जो मुख्यतः संक्रमित कुत्तों ,बिल्ली ,बन्दर आदि के काटने से फैलता है और मनुष्यों व पशुओं दोनों के लिए घातक है।
डॉ चौधरी ने बताया कि सामूहिक प्रयासों से टीकाकरण, जागरूकता और समय पर उपचार ही इसका इलाज है !
डॉ चौधरी ने पशुपालकों को संदेश दिया कि
अपने पालतू पशुओं (कुत्ते-बिल्ली आदि) का समय-समय पर रेबीज़ का टीकाकरण अवश्य कराएँ।
यदि किसी पशु को आवारा कुत्ते ने काट लिया हो तो तुरन्त पास के पशु चिकित्सक को दिखाएँ और आवश्यक उपचार कराएँ।
किसी भी पशु के काटने पर घाव को तुरन्त साबुन और बहते पानी से 15 मिनट तक धोएँ, फिर नज़दीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर जाएँ।
पशुपालक समुदाय स्वयं भी जागरूक रहें और आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।
रेबीज़ से बचाव टीकाकरण और सावधानी से संभव है, लापरवाही से जान का खतरा बढ़ता है।