बरेली आंवला में लेखपाल ने पहले सही अंश निर्धारण किया, फिर बदला, पीड़ितों ने राजस्व परिषद लखनऊ को शिकायत भेजी, रिश्वत का आरोप।
बरेली आंवला तहसील के रामपुर बुजुर्ग गांव में जमीन के अंश निर्धारण में हेरफेर का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि लेखपाल ने पहले सही अंश तय किया, फिर रिश्वत लेकर उसे गलत तरीके से बदल दिया। उन्होंने गुरुवार को राजस्व परिषद लखनऊ को शिकायत भेजी है।
भूरे और महेंद्र पाल ने बताया कि उनकी गाटा संख्या 139 (0.5950 हेक्टेयर) और 177 (0.5470 हेक्टेयर) भूमि का अंश निर्धारण 11 अगस्त 2026 को राजस्व अभिलेखों के अनुसार सही हुआ था।
3 अक्टूबर 2026 को खतौनी निकालने पर पता चला कि 1 अक्टूबर 2026 को लेखपाल ने किसी अन्य के आवेदन पर मिलीभगत कर पूर्व में तय अंश बदल दिया।
यह भूमि मूलतः रामसुखी और धर्मपाल (पुत्र नुक्ती) के नाम थी। रामसुखी की बिना संतान मृत्यु के बाद उनका हिस्सा धर्मपाल, गंगा प्रसाद, होरीलाल व रामप्रसाद में बंटा। इसी आधार पर पहले सही अंश तय हुआ था। पीड़ितों ने गलत अंश निर्धारण रद्द करने और दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
