देदला में खेत से कपास चोरी कर ले जा रहे दो युवकों को किसानों ने पकड़ा, ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों की सिंचाई और कृषि उपकरणों की सुरक्षा बनी चुनौती….
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। क्षेत्र में अल्प वर्षा के चलते किसान पहले ही फसलों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती के कारण सिंचाई प्रभावित हो रही है। खेतों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से किसानों को फसलों की पैदावार को लेकर चिंता सता रही है। ऐसे कठिन समय में खेतों से मोटर पंप और कपास की चोरी की घटनाएं किसानों की परेशानी और बढ़ा रही हैं। मेहनत से तैयार की गई फसल और सिंचाई के लिए लगाए गए कृषि उपकरणों की सुरक्षा अब किसानों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।
इसी बीच समीपस्थ ग्राम देदला में खेत से कपास चोरी कर ले जा रहे दो युवकों को किसान और आसपास किसानों ग्रामीणों ने पकड़ लिया। घटना 14 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे की है। खेत मालिक तुलसीराम पाटीदार ने दो युवकों को कपास से भरी पोटली लेकर खेत से निकलते देखा। आवाज लगाने पर दोनों चोर पत्थर मारते भागने लगे, लेकिन तुलसीराम ने अपने खेत के पास कपास की रखवाली कर रहे पड़ोसी गजानंद पाटीदार को बुलाया। दोनों ने 1 चोर की स्पॉट पर पकड़ लिया वही दूसरे छोर का पीछाकर पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान उनके पास मिली पोटली में कपास भरा हुआ मिला। इसके बाद किसानों व ग्रामीणों की मौजूदगी में पूछताछ की गई और दोनों को कपास सहित पुलिस थाने ले जाकर शिकायत दर्ज कराई गई।
*अल्प वर्षा से फसल बचाने की चिंता, बिजली कटौती से सिंचाई प्रभावित*
इस वर्ष कम बारिश के कारण क्षेत्र में खेती-किसानी पर प्रतिकूल असर पड़ने की चिंता बनी हुई है। खेतों और जलस्रोतों में पर्याप्त पानी नहीं होने से किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो रहा है। ऐसे में किसान उपलब्ध पानी से फसलों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती के कारण सिंचाई के लिए मोटर पंप चलाने में परेशानी आ रही है। समय पर बिजली नहीं मिलने से किसानों को फसलों की जरूरत के अनुसार पानी देना मुश्किल हो रहा है।
किसानों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि फसल को बचाने के लिए सिंचाई के साथ-साथ खेतों में चोरी की घटनाओं के कारण दिन-रात निगरानी भी जरूरी हो गई है। ऐसे में यदि खेतों से मोटर पंप और अन्य कृषि उपकरण चोरी हो जाते हैं, तो किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। मोटर पंप चोरी होने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होती है और नई मोटर खरीदने या मरम्मत कराने का अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है।
*फसल के साथ कृषि उपकरणों की सुरक्षा भी चुनौती*
किसान खेतों में फसल तैयार करने के लिए बीज, खाद, दवाइयों, मजदूरी और सिंचाई पर पहले ही खर्च कर चुके हैं। अल्प वर्षा और बिजली कटौती के बीच फसल बचाने की जद्दोजहद जारी है। ऐसे में खेतों से कपास चोरी होने की घटनाएं किसानों की मेहनत और संभावित आमदनी पर असर पड़ रहा हैं। वहीं, मोटर पंप की चोरी होने पर सिंचाई का काम रुकने का खतरा भी बना रहता है।
देदला की घटना ने एक बार फिर खेतों में रखी उपज और कृषि उपकरणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। किसानों के सामने अब फसल को पानी देने और उसकी रखवाली करने, दोनों की जिम्मेदारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेत दूर-दूर होने और रात के समय निगरानी की सीमित व्यवस्था के कारण भी किसानों को सतर्क रहना पड़ता है।
*पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण, जांच जारी*
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, देदला निवासी तुलसीराम पिता जगदीश पाटीदार (47) खेती-किसानी करते हैं। 14 अक्टूबर की रात वे अपने खेत में गए थे, तभी उन्होंने दो व्यक्तियों को अपने कपास के खेत से पोटली लेकर निकलते देखा। पड़ोसी किसानों व ग्रामीणों की मदद से पकड़े गए युवकों की पहचान गुराड़िया निवासी सीताराम भील और अनिल पिता लक्ष्मण भील के रूप में बताई गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच सहायक उपनिरीक्षक राजेश गेहलोत को सौंपी है।
*किसानों की चिंता*: अल्प वर्षा और बिजली कटौती के कारण पहले ही खेती की लागत और फसल बचाने की चुनौती बढ़ी हुई है। ऐसे में कपास और मोटर पंप की चोरी किसानों के लिए दोहरी परेशानी बन रही है। किसानों को उम्मीद है कि खेतों से होने वाली चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी उपज व कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
