शारदीय नवरात्रि में जन्मोत्सव की धूम, महाप्रसादी का हुआ वितरण; प्राचीन मंदिर में प्रतिदिन हो रहे विशेष देवी अनुष्ठान….
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। नगर के प्राचीन एवं प्रसिद्ध श्री मंगला देवी मंदिर में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर माता रानी का जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। नवरात्रि की पंचमी तिथि पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भक्तों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इस अवसर पर 51 जोड़ों ने पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर विधि-विधान से महाआरती की। माता रानी की आराधना और जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं को महाप्रसादी का वितरण भी किया गया।
*विधि-विधान से हो रही पूजा-अर्चना, उमड़ रहे श्रद्धालु*
आयोजक समिति के प्रमुख एवं सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद पांडेय ने बताया कि श्री मंगला देवी मंदिर में नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना और विशेष देवी अनुष्ठान किए जा रहे हैं। माता रानी के दर्शन, पूजन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिर में धार्मिक गतिविधियों का विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। भक्तजन माता रानी के समक्ष शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना कर रहे हैं।
*आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है प्राचीन मंदिर*
सिंघाना रोड पर स्थित श्री मंगला देवी मंदिर नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है। मंदिर में वर्षभर भक्तों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां विशेष धार्मिक वातावरण निर्मित हो जाता है। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी माता रानी के भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं। श्रद्धालु मां के चरणों में नारियल, पुष्प और चुनरी अर्पित कर पूजा-अर्चना करते हैं तथा अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।
*नौ देवियों की प्रतिमाओं के साथ विराजित हैं महादेव, हनुमान और गणेशजी*
मंदिर परिसर में नौ देवियों की प्रतिमाएं स्थापित हैं। इसके साथ ही देवादिदेव भगवान महादेव, संकटमोचन हनुमानजी और प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश भी विराजित हैं। मंदिर में संत श्री रविदास भारती बाबा की प्रतिमा एवं उनकी चरण पादुकाएं भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। परिसर में स्थापित यज्ञशाला में धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से भक्त आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करते हैं।
मंदिर में विभिन्न देवी-देवताओं के दर्शन और पूजन की व्यवस्था होने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं को एक ही परिसर में अनेक धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिलता है। नवरात्रि के दौरान भक्तजन विशेष रूप से माता रानी की आराधना में समय व्यतीत कर रहे हैं।
*हरे-भरे बगीचे और बच्चों के झूले भी आकर्षण*
श्री मंगला देवी मंदिर की धार्मिक महत्ता के साथ-साथ यहां का सुंदर बगीचा और बच्चों के लिए लगाए गए झूले भी आकर्षण का केंद्र हैं। हरियाली से सुसज्जित परिसर में श्रद्धालुओं को शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण मिलता है। परिवार के साथ मंदिर पहुंचने वाले लोग दर्शन-पूजन के बाद परिसर में समय बिताते हैं। धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का यह संगम मंदिर को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।
*नवरात्रि में भक्ति और साधना का विशेष महत्व*
शारदीय नवरात्रि को शक्ति की आराधना का महापर्व माना जाता है। इन नौ दिनों में श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य की कामना करते हैं। श्री मंगला देवी मंदिर में भी प्रतिदिन विशेष देवी अनुष्ठान किए जा रहे हैं। माता रानी के जन्मोत्सव पर आयोजित महाआरती में 51 जोड़ों की सहभागिता ने धार्मिक आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया। महाआरती के पश्चात महाप्रसादी वितरण के साथ श्रद्धालुओं ने माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, सेवा और सामूहिक सहभागिता का भाव दिखाई दिया।
