योजना भाजपा सरकार की, इंतजार कांग्रेस विधायक का! विद्यार्थियों को घंटों धूप में बैठाने पर उठे सवाल
चाचरिया पार्टी में साइकिल वितरण कार्यक्रम को लेकर विवाद, विद्यार्थियों की परेशानी पर शासन-प्रशासन से जवाब की मांग
चाचरिया पार्टी, बड़वानी। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल चाचरिया पार्टी में विद्यार्थियों के लिए आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कांग्रेस विधायक के कार्यक्रम में नहीं पहुंचने के कारण विद्यार्थियों को दो से तीन घंटे तक तेज धूप में बैठकर इंतजार करना पड़ा। इस दौरान कार्यक्रम भी समय पर नहीं हो सका।
मामले की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे संबंधित पक्ष के प्रतिनिधि ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि कोई कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, तो उसे निर्धारित समय पर पूरा किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों को किसी जनप्रतिनिधि के इंतजार में घंटों बैठाकर रखना उचित नहीं है।
भाजपा सरकार की योजना, फिर कांग्रेस विधायक का इंतजार क्यों?
इस पूरे मामले को लेकर सवाल उठाया गया कि जब साइकिल वितरण योजना केंद्र एवं मध्य प्रदेश सरकार की योजना है, तो कार्यक्रम को किसी एक जनप्रतिनिधि की उपस्थिति से क्यों जोड़ा गया? क्या विद्यार्थियों को समय पर साइकिल उपलब्ध कराने के बजाय राजनीतिक औपचारिकताओं को प्राथमिकता दी जा रही है?
वक्तव्य में कांग्रेस विधायक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि यदि कांग्रेस भाजपा सरकार की नीतियों और योजनाओं की आलोचना करती है, तो उन्हीं योजनाओं से जुड़े कार्यक्रमों में राजनीतिक श्रेय लेने की आवश्यकता क्यों पड़ती है? हालांकि, योजना के संचालन, कार्यक्रम की व्यवस्था और विधायक की अनुपस्थिति के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
चार प्रमुख सवाल, जिनके जवाब जरूरी
1. विद्यार्थियों को धूप में क्यों बैठाया गया?
जब कार्यक्रम निर्धारित था, तो समय पर व्यवस्था सुनिश्चित क्यों नहीं की गई? बच्चों को दो से तीन घंटे तक इंतजार क्यों करना पड़ा?
2. कार्यक्रम किसी व्यक्ति विशेष की उपस्थिति पर निर्भर क्यों रहा?
क्या सरकारी योजनाओं के कार्यक्रमों को निर्धारित समय पर पूरा करने के बजाय जनप्रतिनिधियों की प्रतीक्षा में रोकना उचित है?
3. शासन-प्रशासन ने क्या व्यवस्था की थी?
क्या विद्यार्थियों के बैठने, पेयजल, छाया और कार्यक्रम के समय को लेकर पहले से कोई व्यवस्था बनाई गई थी? यदि बनाई गई थी, तो उसका पालन क्यों नहीं हुआ?
4. विद्यार्थियों को साइकिल कब मिलेगी?
कार्यक्रम में देरी या स्थगन की स्थिति में विद्यार्थियों को साइकिल वितरण के लिए कितने समय तक और इंतजार करना पड़ेगा?
विद्यार्थियों का हित सर्वोपरि, राजनीति बाद में
वक्तव्य में स्पष्ट किया गया कि किसी जनप्रतिनिधि के कार्यक्रम में आने या नहीं आने पर व्यक्तिगत आपत्ति नहीं है। मुख्य आपत्ति विद्यार्थियों को लंबे समय तक तेज धूप में बैठाकर इंतजार कराने और कार्यक्रम की व्यवस्था पर है।
मांग की गई है कि विद्यार्थियों को जल्द से जल्द साइकिल वितरित की जाए तथा भविष्य में किसी भी सरकारी कार्यक्रम को राजनीतिक व्यक्तियों की प्रतीक्षा के कारण अनावश्यक रूप से बाधित न होने दिया जाए।
साथ ही, शासन-प्रशासन से कार्यक्रम में हुई देरी की जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए उचित व्यवस्था करने की मांग की गई है।
संदेश स्पष्ट है
योजनाएं विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए हैं, न कि राजनीतिक प्रतिष्ठा का विषय बनाने के लिए। बच्चों का समय, स्वास्थ्य और सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।
