110 वर्ष पुराने हनुमान मंदिर में नवरात्र पर उमड़ रहे श्रद्धालु, सुबह-शाम महाआरती और रात 8 से 11 बजे तक गरबा महोत्सव की धूम….
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। धार जिले के अंतिम छोर पर स्थित डही नगर का प्राचीन हनुमान मंदिर इन दिनों नवरात्र के पावन पर्व पर श्रद्धा और भक्ति का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मंदिर में विराजित मां गढ़ कालिका के दर्शन के लिए डही नगर सहित आसपास के 62 गांवों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। नवरात्र के नौ दिनों तक माता रानी का प्रतिदिन आकर्षक शृंगार किया जा रहा है। सुबह-शाम होने वाली महाआरती में भक्तों की उपस्थिति और मंदिर परिसर में गूंजते माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
करीब 110 वर्ष पुराने इस मंदिर से क्षेत्र के लोगों की गहरी धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालु माता के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में दिनभर दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी है। जैसे-जैसे नवरात्र समापन की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बढ़ रही है।
*सुबह-शाम महाआरती, हवन-पूजन से भक्तिमय हुआ वातावरण*
मंदिर में ब्रह्मलीन कमलदास महाराज के शिष्य महंत अयोध्यादास महाराज के सानिध्य में प्रतिदिन सुबह और शाम महाआरती की जा रही है। आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होकर मां गढ़ कालिका की आराधना करते हैं। मंदिर में हवन, पूजन और अभिषेक सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जा रहे हैं।
माता रानी के दरबार में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंच रहे हैं। मंदिर की धार्मिक परंपराएं और वर्षों से चली आ रही पूजा-पद्धति क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए हैं। 62 गांवों के श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा यह मंदिर नवरात्र के दौरान सामाजिक और धार्मिक एकजुटता का भी प्रतीक बन रहा है।
*रात 8 से 11 बजे तक गरबा महोत्सव की धूम*
नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में प्रतिदिन रात 8 से 11 बजे तक गरबा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इसमें डही नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं, बच्चे और युवा उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं। भक्ति गीतों की धुन पर पारंपरिक गरबा नृत्य से परिसर में उत्सव और उल्लास का माहौल बन रहा है। मां दुर्गा की आराधना के साथ गरबा महोत्सव श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं और गरबा प्रतिभागियों के लिए चाय व फलाहारी व्यंजनों की व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे आयोजन में शामिल होने वाले लोगों को सुविधा मिल रही है।
*प्राकृतिक सौंदर्य के बीच आस्था का अनूठा संगम*
प्राचीन मंदिर के आसपास फैली हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य इसकी धार्मिक महत्ता को और विशेष बनाते हैं। शांत वातावरण में माता के दर्शन और आराधना करने पहुंच रहे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति हो रही है। नवरात्र के शुरुआती दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन पर्व के अंतिम दिनों में दर्शनार्थियों और गरबा महोत्सव में भाग लेने वालों की संख्या बढ़ने लगी है।
मां गढ़ कालिका का यह प्राचीन दरबार डही सहित आसपास के 62 गांवों के लोगों की आस्था, धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना हुआ है। नवरात्र के नौ दिनों में यहां भक्ति, शक्ति की उपासना और गरबा महोत्सव का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
