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कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने उद्योग, हथकरघा, ग्रामोद्योग, कौशल विकास तथा श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की गहन समीक्षा की।

कोरिया, 03 अगस्त 2026/ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने उद्योग, हथकरघा, ग्रामोद्योग, कौशल विकास तथा श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने विभागवार योजनाओं की प्रगति, लक्ष्य, हितग्राहियों को मिल रहे लाभ तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्रीमती यादव ने कहा कि शासन द्वारा आम नागरिकों के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा, जब विभागीय अधिकारी मैदानी स्तर पर सक्रियता से कार्य करते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी दें और उन्हें लाभ लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ-साथ प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने माह अगस्त में विभागवार तिथिवार समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने सभी अधिकारियों को अगली समीक्षा बैठक में योजनाओं की अद्यतन प्रगति, लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्धि और लंबित प्रकरणों की पूरी जानकारी के साथ उपस्थित होने को कहा।

लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों से 761 लोगों को मिला रोजगार
उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान महाप्रबंधक ने बताया कि जिले में 79 लघु एवं सूक्ष्म उद्योग संचालित हैं। इनमें लगभग 6059.92 लाख रुपये का पूंजी निवेश हुआ है तथा इन उद्योगों के माध्यम से 761 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।

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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2025-26 में 14 का लक्ष्य निर्धारित था। इसके अंतर्गत 132 लाख रुपये की राशि का वितरण किया गया है। इसी तरह प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 57 हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य था। विभाग द्वारा 80 आवेदन बैंकों को प्रेषित किए गए, जिनमें से 29 हितग्राहियों के ऋण स्वीकृत हुए तथा 10 हितग्राहियों को ऋण वितरित किया गया है।

श्रमिकों के पंजीयन एवं कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा
श्रम विभाग के अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में 53,993 तथा शहरी क्षेत्रों में 5,504 पंजीयन हुए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 9,906 तथा शहरी क्षेत्रों में 3,436 हितग्राहियों का पंजीयन कराया गया है।

बैठक में बताया गया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आर्थिक सहायता के लिए शासन द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना तथा मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना प्रमुख हैं।
इन योजनाओं के माध्यम से महिला निर्माण श्रमिकों को मातृत्व एवं परिवार के पोषण के लिए आर्थिक सहायता, श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति एवं उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन, बेटियों को शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता के लिए सहायता तथा वृद्धावस्था की ओर बढ़ रहे श्रमिकों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है। दुर्घटना में मृत्यु अथवा दिव्यांगता की स्थिति में श्रमिक के परिवार को आर्थिक सहायता का भी प्रावधान है।

कौशल विकास योजना के तहत 320 प्रशिक्षित एवं प्रशिक्षणरत
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना की समीक्षा में वर्ष 2025-26 के प्रशिक्षण की जानकारी प्रस्तुत की गई। विभाग द्वारा जल वितरण संचालक, असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन, सोलर पैनल इंस्टॉलेशन टेक्नीशियन, असिस्टेंट मेसन, मशरूम ग्रोवर तथा लाइट मोटर व्हीकल ड्राइवर लेवल-3 जैसे पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रस्तुत जानकारी के अनुसार कुल 420 के वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध 120 प्रशिक्षित तथा 200 प्रशिक्षणरत, अर्थात 320 प्रशिक्षणार्थियों की प्रगति दर्ज की गई है। कलेक्टर ने शेष लक्ष्य को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

स्वरोजगार योजनाओं से युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने पर जोर
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में संचालित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के बेरोजगारों को विभिन्न व्यवसायों के लिए बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना के अंतर्गत अधिकतम 50 हजार रुपये अथवा स्वीकृत ऋण की 50 प्रतिशत राशि तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।

वर्ष 2025-26 की समीक्षा में अंत्योदय स्वरोजगार योजना के तहत 37 के लक्ष्य के विरुद्ध 35 प्रकरण प्रेषित तथा 34 प्रकरण स्वीकृत किए गए। इसी प्रकार आदिवासी स्वरोजगार योजना के तहत 21 प्रकरण प्रेषित तथा 18 प्रकरण स्वीकृत हुए। पीएम-अजय योजना के तहत भी प्रकरणों की प्रगति की जानकारी बैठक में प्रस्तुत की गई।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अंत्योदय स्वरोजगार योजना, आदिवासी स्वरोजगार योजना तथा पीएम-अजय योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने वर्तमान स्थिति और लंबित प्रकरणों की जानकारी कलेक्टर के समक्ष रखी।

कलेक्टर श्रीमती यादव ने कहा कि स्वरोजगार एवं कौशल विकास से जुड़ी योजनाएं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने तथा बैंक स्तर पर लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रभावी समन्वय करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ अंतिम पंक्ति के पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए विभागीय अधिकारी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने हथकरघा तथा ग्रामोद्योग विभाग द्वारा उचित जानकारी नहीं देने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि शासन की योजनाओं के बारे में उन्हें पूरी तरह जानकारी हो और पात्र हितग्राहियों को उनका लाभ मिले, इस पर विशेष ध्यान दें।

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