डिण्डौरी। जैन धर्म के परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की पावन परंपरा एवं नवाचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का भव्य आयोजन 20 जुलाई से 28 जुलाई 2026 तक डिण्डौरी में श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हो रहा है। आर्यिका माँ 105 उपशांतमती माताजी ससंघ के मंगल सान्निध्य तथा विधानाचार्य पं. प्रदीप जी शास्त्री, बीना (म.प्र.) के कुशल निर्देशन में आयोजित यह महाअनुष्ठान संपूर्ण नगर को धर्ममय वातावरण से आलोकित कर रहा है।
विद्या श्री साड़ीज परिवार द्वारा सकल जैन समाज, डिण्डौरी के सक्रिय सहयोग से आयोजित इस आठ दिवसीय महाअनुष्ठान में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागी होकर सिद्ध परमेष्ठियों की आराधना, पूजन एवं विधान का पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ प्रवचन, भक्तिमय एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
इस परम पुण्यमयी आयोजन का सौभाग्य संजीव जैन, श्रीमती ज्योति जैन, सी.ए. प्रतीक जैन, शिवाली जैन, एडवोकेट सम्यक जैन, अभ्या जैन, सार्थक जैन, अनुश्री जैन, सेजल जैन, सार्विल जैन एवं समस्त पंचरत्न परिवार को प्राप्त हुआ है। आयोजन को सफल बनाने में सकल जैन समाज के पदाधिकारियों, युवाओं, महिलाओं एवं समाज के सभी वर्गों का सराहनीय सहयोग निरंतर प्राप्त हो रहा है, जिसके कारण सम्पूर्ण आयोजन अनुशासन, भव्यता एवं धार्मिक गरिमा के साथ सम्पन्न हो रहा है।
महायज्ञ के माध्यम से विश्वशांति, आत्मकल्याण एवं मानवीय मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है। श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ धर्माराधना में सहभागी होकर आध्यात्मिक लाभ अर्जित कर रहे हैं।
28 जुलाई 2026 को महायज्ञ का भव्य समापन विशेष पूजन, पूर्णाहुति एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के साथ होगा। आयोजक परिवार एवं सकल जैन समाज, डिण्डौरी ने समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर सिद्ध परमेष्ठियों की आराधना में सहभागी बनने तथा धर्मलाभ प्राप्त करने का विनम्र आग्रह किया है।

