पंडरिया। नया आधार कार्ड बनवाने पहुंचे एक आवेदक को जनपद पंचायत पंडरिया स्थित आधार पंजीयन केंद्र में कथित रूप से परेशानी का सामना करना पड़ा।
आवेदक का आरोप है कि जन्म प्रमाण पत्र में हिंदी में नाम दर्ज नहीं होने की बात कहकर केंद्र से उसे वापस लौटा दिया गया। इसके बाद दूसरे आधार केंद्र में पहुंचने पर उसी दस्तावेज के आधार पर पंजीयन की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई।
आवेदक के मुताबिक वह अपने बच्चे का नया आधार बनवाने के लिए जनपद पंचायत पंडरिया के आधार पंजीयन केंद्र पहुंचा था। वहां दस्तावेजों की जांच के बाद केंद्र संचालक ने जन्म प्रमाण पत्र में हिंदी में नाम नहीं होने को आधार बनाते हुए पंजीयन करने से इनकार कर दिया।
आवेदक का कहना है कि उसे बिना प्रक्रिया पूरी किए वापस लौटना पड़ा। इसके बाद आवेदक ने दूसरे आधार पंजीयन केंद्र में दस्तावेज प्रस्तुत किए।
वहां दस्तावेज स्वीकार कर नए आधार पंजीयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और एक्नॉलेजमेंट/रसीद भी जारी की गई। इससे आवेदक के मन में सवाल खड़ा हो गया कि जब दूसरे केंद्र में उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर प्रक्रिया शुरू हो सकती है, तो जनपद पंचायत पंडरिया के आधार केंद्र में ऐसा क्यों नहीं किया गया?
नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग
मामले को लेकर अब संबंधित अधिकारियों से यह स्पष्ट करने की मांग की जा रही है कि नया आधार बनवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र में हिंदी में नाम दर्ज होना वास्तव में अनिवार्य है या नहीं। यदि यह अनिवार्य है तो सभी आधार केंद्रों पर इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि आवेदकों को भटकना न पड़े।
वहीं, यदि हिंदी में नाम दर्ज होना अनिवार्य शर्त नहीं है तो जनपद पंचायत पंडरिया स्थित आधार केंद्र द्वारा पंजीयन से इनकार करने के मामले की जांच की जानी चाहिए। आवेदक ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर आधार पंजीयन केंद्रों पर नियमों के एक समान पालन और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाने की मांग की है।
