डिंडौरी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में कलेक्टर सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में वार्डवासियों, स्वच्छता पर्यवेक्षकों एवं सफाई कर्मियों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में नगरीय क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन, स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। साथ ही वार्डवासियों को गीले, सूखे, सेनेटरी एवं विशेष प्रकार के कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण करने के लिए निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया। कार्यशाला के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार चालानी कार्यवाही, जुर्माना एवं कड़ी चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि स्वच्छता संबंधी अधिसूचनाओं का समाचार पत्रों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा चुका है तथा नागरिकों को नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही समय-समय पर उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है।
कार्यशाला में नगरीय क्षेत्र के निरीक्षण कर सभी ’’गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट ’’ समाप्त करने की कार्ययोजना, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता दल का गठन, आरआर सेंटरों के संचालन में स्व-सहायता समूहों की भागीदारी तथा शहर विकास योजना के अंतर्गत वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसके अलावा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, एमआरएफ सेंटर में कचरे के प्रसंस्करण, वैज्ञानिक लैंडफिल को बढ़ावा देने तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रावधानों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

