
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
झिरो कल्टिवेशन तकनीक से संतरा उत्पादन बढ़ाने पर जोर,मोर्शी में आयोजित सेमिनार में 600 किसानों ने सीखे कम लागत में अधिक उत्पादन के गुर
संतरा उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाने तथा कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के उद्देश्य से वाघोली में आयोजित संतरा मार्गदर्शन सेमिनार में पांढुर्णा, अमरावती एवं नागपुर जिलों के सैकड़ों किसानों ने भाग लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। यह सेमिनार सकाल समाचार पत्र की एग्रो वन पत्रिका के 21वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर आयोजित किया गया।
सेमिनार का आयोजन प्रसिद्ध संतरा विशेषज्ञ प्रवीण बेलखेड़े की नर्सरी में किया गया, जहां उन्होंने किसानों को संतरा उत्पादन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों, मिट्टी परीक्षण, बाग लगाने की पूर्व तैयारी, उत्पादन बढ़ाने के उपाय तथा लागत कम करने की विभिन्न विधियों की विस्तार से जानकारी दी। लगभग 600 किसानों की उपस्थिति में उन्होंने किसानों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधानकारी मार्गदर्शन भी प्रदान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सौसर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अजय चौरे ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में अन्य फसलों की तुलना में संतरा उत्पादन की उपयोगिता, संतरे की छोटी पैकिंग, कोल्ड स्टोरेज एवं सोलर ड्रायर की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर प्रमुख संतरा उत्पादक किसानों का सम्मान भी किया गया। पांढुर्णा के रामनाथ सांबारे (कलम गांव) एवं सचिन शेगोकर का विशेष रूप से सत्कार किया गया। कार्यक्रम का संचालन साहिल द्वारा किया गया।
सेमिनार के दौरान किसानों को ऐसे संतरा बगीचों का भ्रमण भी कराया गया, जहां पांच वर्षों में दो बार फसल उत्पादन प्राप्त किया जा रहा है। सौसर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी ने इस वर्ष उच्च गुणवत्ता वाले एक लाख संतरा पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं सौसर एवं पांढुर्णा क्षेत्र के लगभग 50 किसानों ने संतरा पौधों का चयन कर अग्रिम बुकिंग भी की।

सौसर फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन जिले में फल, सब्जी एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में आगामी रविवार को किसानों का एक दल महाराष्ट्र के पुसद क्षेत्र का भ्रमण कर अन्य फल फसलों के उत्पादन संबंधी जानकारी प्राप्त करेगा।
सेमिनार में प्रमुख रूप से बलवंत फोले, डहाके जी, गुर्वे जी, कैलाश ठाकरे, दिनेश लाड़से, सचिन खंडईत, गजानन कोचे, राम ठाकरे, प्रवीण परतेती, बंडू बेंडे, मोरेश्वर दांडवे, मनोज बेंडे एवं मुकुल खंडईत सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।