

सहयोग शिविर का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निष्पादन
जहानाबाद। जिले के घोसी प्रखंड में मंगलवार को जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभिन्न पंचायतों में आयोजित सहयोग शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने मोदनगंज प्रखंड की जैयतीपुर कुरुआ पंचायत के शिविर में भाग लेने के बाद विशुनपुर ओकरी और घोषी प्रखंड की कुर्रे पंचायत स्थित शिविरों का जायजा लिया। इस दौरान शिविरों के संचालन, प्राप्त आवेदनों की स्थिति, सहयोग पोर्टल पर अपलोडिंग और उनके निष्पादन की समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान, जिला पदाधिकारी ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने आम लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवेदन निस्तारण की जानकारी ली। मोदनगंज प्रखंड के मोरीयाबीघा गांव में नल-जल योजना के लिए भूमि उपलब्धता से जुड़े एक मामले की समीक्षा करते हुए, उन्होंने अंचलाधिकारी और संबंधित थाना को भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने का निर्देश दिया, ताकि योजना का कार्य शीघ्र शुरू हो सके।
डीएम ने राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आवास योजना, श्रम कार्ड और जॉब कार्ड सहित सभी आवेदनों को अनिवार्य रूप से सहयोग पोर्टल पर दर्ज करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक आवेदक को प्राप्ति रसीद उपलब्ध कराई जाए। डीएम ने स्पष्ट किया कि सहयोग शिविर का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि उनका गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना है।
शिविरों के दौरान, विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और लाभ प्रदान किए गए। जैयतीपुर कुरुआ पंचायत में मनरेगा के तहत जॉब कार्ड और राशन कार्ड वितरित किए गए। उज्ज्वल दृष्टि योजना के अंतर्गत कई बुजुर्गों को निःशुल्क चश्मा भी प्रदान किया गया। विशुनपुर ओकरी और कुर्रे पंचायत में भी लाभुकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराना है।