
कलेक्टर के नेतृत्व में अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की रणनीति तय ओवरलोड परिवहन पर कड़ी निगरानी और विभागीय समन्वय को मिली प्राथमिकता
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला टास्क फोर्स समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, अनुविभागीय अधिकारी वन विभाग श्री चंचल पवार (प्रशिक्षु आईएफएस), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीरज सोनी, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा एवं सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा, खनिज अधिकारी श्री महेश नगपुरे तथा वन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक में जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षमता से अधिक (ओवरलोड) खनिज परिवहन करने वाले वाहनों के विरुद्ध RTO एवं यातायात पुलिस द्वारा परिवहन नियमों के तहत सख्त चालानी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ओवरलोड वाहनों से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है, इसलिए इस पर विशेष सतर्कता और निरंतर निगरानी आवश्यक है।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने यह भी निर्देशित किया कि खनिज से भरे डंपर, जो बायपास या सड़कों के किनारे खड़े किए जाते हैं, उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में RTO एवं यातायात पुलिस द्वारा खनिज विभाग को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।

खनिज विभाग में स्टाफ की कमी को देखते हुए कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने रात्रिकालीन कार्रवाई को सुदृढ़ बनाने के लिए आरक्षित बल (आर्ड फोर्स) उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
ग्राम बिछुआबग्गू स्थित शोभना नदी एवं लोधीखेड़ा क्षेत्र की कन्हान नदी पुल के पास रेत के अवैध खनन की प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ नियमित और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त, वन क्षेत्र के समीप स्थित राजस्व क्षेत्रों में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर नियंत्रण के लिए वन अमले को खनिज/वाहन/मशीनरी की जप्ती हेतु अधिकृत किए जाने पर बल दिया गया। साथ ही निर्देशित किया गया कि जप्त सामग्री को नियमानुसार जांच एवं कार्रवाई हेतु कलेक्टर कार्यालय (खनिज शाखा) को प्रस्तुत किया जाए।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सभी विभागों को आपसी समन्वय, सतत निगरानी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।