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NCORD बैठक में नशीले पदार्थों की रोकथाम हेतु कड़े निर्देश जारी ,अवैध विक्रय, उपयोग एवं गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के दिए निर्देश हाईवे ढाबों, पान दुकानों और औषधि विक्रेताओं पर विशेष निगरानी के आदेश वन क्षेत्रों, अवैध क्लीनिकों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर संयुक्त कार्रवाई के निर्देश

NCORD बैठक में नशीले पदार्थों की रोकथाम हेतु कड़े निर्देश जारी ,अवैध विक्रय, उपयोग एवं गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के दिए निर्देश हाईवे ढाबों, पान दुकानों और औषधि विक्रेताओं पर विशेष निगरानी के आदेश वन क्षेत्रों, अवैध क्लीनिकों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर संयुक्त कार्रवाई के निर्देश

संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में नारकोटिक्स कंट्रोल (NCORD) संबंधी बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीरज सोनी, संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री नरेश गोन्नाडे सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर श्री वशिष्ठ द्वारा जिले में नशीले पदार्थों के अवैध विक्रय एवं उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विस्तृत समीक्षा की गई एवं संबंधित विभागों को सख्त एवं स्पष्ट निर्देश प्रदान किए गए। उन्होंने विशेष रूप से सौसर विकासखंड अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों पर संचालित ढाबों एवं पान की दुकानों का नियमित एवं सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि वहां किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का विक्रय न हो सके और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने वन विभाग को निर्देशित किया कि वन क्षेत्रों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर सतत एवं कड़ी निगरानी रखी जाए तथा नशीले पदार्थों की अवैध खेती एवं उनके उपयोग पर पूर्णतः रोक लगाने के लिए नियमित निरीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इसके अतिरिक्त, आयुर्वेदिक एवं अन्य औषधि विक्रेताओं की दुकानों पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी औषधियां जिनका दुरुपयोग नशे के रूप में किया जा सकता है, उनके विक्रय पर नियमानुसार नियंत्रण रखा जाए तथा आवश्यकता अनुसार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाए।

कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि झोलाछाप डॉक्टरों एवं अवैध क्लीनिकों की नियमित जांच कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आमजन के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार की अनियमितता न हो और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

बैठक के अंत में कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त रूप से कार्यवाही करने के निर्देश दिए तथा जिले को नशामुक्त बनाने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने पर विशेष जोर दिया।

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