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किसान कल्याण वर्ष अंतर्गत ई-विकास प्रणाली पर एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न ,बिना ई-टोकन उर्वरक विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित, उल्लंघन पर सख्त कार्यवाही के निर्देश

ई-विकास प्रणाली से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता, समय की बचत और डिजिटल सशक्तिकरण सभी समितियों को ई-टोकन के माध्यम से अग्रिम उर्वरक उठाव सुनिश्चित कराने के निर्देश

किसान कल्याण वर्ष अंतर्गत ई-विकास प्रणाली पर एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न ,बिना ई-टोकन उर्वरक विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित, उल्लंघन पर सख्त कार्यवाही के निर्देश

ई-विकास प्रणाली से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता, समय की बचत और डिजिटल सशक्तिकरण सभी समितियों को ई-टोकन के माध्यम से अग्रिम उर्वरक उठाव सुनिश्चित कराने के निर्देश

संवाददाता धनंजय जोशी

जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

किसान कल्याण वर्ष अंतर्गत कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में पांढुर्णा में ई-विकास प्रणाली पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य उर्वरक वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं डिजिटल माध्यम से प्रभावी बनाना रहा।

कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दिनांक 1 अप्रैल 2026 से किसी भी उर्वरक विक्रेता एवं समिति द्वारा बिना ई-टोकन के किसानों को उर्वरक विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यदि किसी भी प्राइवेट विक्रेता या समिति द्वारा बिना ई-टोकन के उर्वरक विक्रय किया जाता है तो सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने सभी सहकारी समितियों को निर्देशित किया कि किसान सदस्यों को ई-विकास प्रणाली के माध्यम से टोकन बुक कर अग्रिम उठाव सुनिश्चित कराया जाए, ताकि आगामी समय में किसानों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। इस व्यवस्था की सतत मॉनिटरिंग के लिए उपायुक्त सहकारिता एवं महाप्रबंधक को भी निर्देशित किया गया।

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प्रशिक्षण के दौरान उप संचालक कृषि पांढुर्णा श्री जितेंद्र कुमार सिंह द्वारा समिति प्रबंधकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों, कृषि विस्तार अधिकारियों एवं किसानों को ई-विकास प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में किसानों के ई-टोकन बुक कर लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें विभिन्न फसलों के लिए उर्वरकों की मात्रा तत्वों के आधार पर प्रति हेक्टेयर एवं प्रति एकड़ की जानकारी साझा की गई।
ई-विकास प्रणाली के मुख्य उद्देश्य उर्वरक की कालाबाजारी को रोकना, वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना, समय की बचत करना तथा किसानों को लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता से मुक्त करना एवं डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। यह प्रणाली सब्सिडी वाले उर्वरक वितरण को ई-टोकन आधारित तंत्र के माध्यम से सुव्यवस्थित करती है, जिसमें केवल वही किसान उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे जिनकी फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण है। ई-विकास प्रणाली फार्मर रजिस्ट्री से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर यह सुनिश्चित करती है कि सही किसान को सही लाभ न्यूनतम समय में उपलब्ध हो।

प्रशिक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा सहित उपायुक्त सहकारिता पांढुर्णा, डीएमओ पांढुर्णा छिंदवाड़ा, एसएडीओ पांढुर्णा एवं सौसर, समिति प्रबंधक, कृषि विस्तार अधिकारी एवं समिति ऑपरेटर सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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