MedLEaPR प्लेटफॉर्म के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समीक्षा बैठक आयोजित, डिजिटल प्रणाली से मेडिको-लीगल एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टिंग होगी अधिक पारदर्शी, समयबद्ध एवं सुदृढ़ तकनीकी समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं समन्वित कार्यवाही के निर्देश
MedLEaPR प्लेटफॉर्म के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समीक्षा बैठक आयोजित, डिजिटल प्रणाली से मेडिको-लीगल एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टिंग होगी अधिक पारदर्शी, समयबद्ध एवं सुदृढ़ तकनीकी समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं समन्वित कार्यवाही के निर्देश
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में MedLEaPR प्लेटफॉर्म संबंधी विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीरज सोनी, संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री नरेश गोन्नाडे सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान MedLEaPR प्लेटफॉर्म के माध्यम से मेडिको-लीगल केस (MLC) एवं पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट के ऑनलाइन संधारण, अपलोडिंग एवं सत्यापन की वर्तमान स्थिति की बिंदुवार एवं विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर प्लेटफॉर्म के उपयोग में आ रही तकनीकी एवं प्रक्रियागत समस्याओं पर गहन चर्चा करते हुए उनके त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने बैठक में बताया कि MedLEaPR एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य मेडिको-लीगल एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाना है। उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से MLC एवं PM रिपोर्ट्स का इलेक्ट्रॉनिक संधारण एवं आदान-प्रदान किया जाता है, जिससे कागजी कार्यवाही में कमी आती है और समयबद्ध एवं त्रुटिरहित रिपोर्टिंग सुनिश्चित होती है।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि MedLEaPR प्लेटफॉर्म से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाए तथा आपसी समन्वय स्थापित करते हुए इसकी कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से संचालित किया जाए। साथ ही सभी अधिकारियों एवं तकनीकी स्टाफ को प्लेटफॉर्म का नियमित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने, किसी भी समस्या की तत्काल जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देने तथा आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने यह भी कहा कि डिजिटल प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, साथ ही न्यायिक प्रक्रियाओं को भी गति मिलेगी। उन्होंने विशेष रूप से मेडिको-लीगल एवं पोस्टमार्टम मामलों में समय पर एवं सटीक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने पर बल दिया, ताकि विवेचना एवं न्यायिक कार्यवाही में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
बैठक के अंत में कलेक्टर श्री वशिष्ठ द्वारा सभी संबंधित विभागों को MedLEaPR प्लेटफॉर्म के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वित एवं गंभीरता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए, जिससे जिले में डिजिटल शासन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।