A2Z सभी खबर सभी जिले की

दैनिक भारत सम्राज्य राजधानी प्रधान सम्पादक रामदास साहू ने जैविक खेती के लिए प्रसिद्ध नर्मदांचल गौ सेवा समिति ढोंढ़ा का किया विजिट

डिण्डौरी/शहपुरा:-* जैविक खेती देखने का मन करे तो चले जिला डिण्डोरी और मिले जिला डिण्डोरी के जाने-माने बहुचर्चित ऑर्गेनिक फार्मिंग एक्सपर्ट बिहारी लाल साहू से जो कि विगत 10 वर्षो से जैविक खेती कर रहे हैं। साथ ही अभी तक 20 हजार से अधिक विद्यार्थी व 80  हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक/जैविक कृषि पर प्रशिक्षण दे चुके हैं।
स्वंय जैविक खेती करने के साथ-साथ ग्रामीण किसान बंधुओ को जैविक खेती करने के लिए लगातार प्रशिक्षित कर रहे है बात यही नहीं रुकती किसान बंधुओ के साथ महाविद्यालय, विद्यालय, सरकारी संस्थान, एनजीओ ऐसे अनेको मंच के माध्यम से जिला डिण्डोरी सहित विभिन्न जिला में जैविक खेती का प्रशिक्षण देने का अमूल्य कार्य कर रहे है । इसके साथ- साथ अपने फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी दिखाते है।
जैविक खेती ही एकमात्र सही मार्ग है
आज के समय में खेती केवल उत्पादन का साधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, पशु-पक्षियों और पूरे पर्यावरण के अस्तित्व का आधार है। हमारी खेत की जमीन और मिट्टी ही वह मूल शक्ति है, जिससे अन्न उत्पन्न होता है और यही अन्न मानव तथा अन्य जीवों का जीवन चलाता है। इसलिए मिट्टी का संरक्षण और उसकी उर्वरता को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
रासायनिक खेती के अत्यधिक उपयोग ने मिट्टी की गुणवत्ता को नुकसान पहुँचाया है। इससे न केवल जमीन बंजर होती जा रही है, बल्कि जल, वायु और खाद्य पदार्थ भी प्रदूषित हो रहे हैं। इसका सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य, पशुओं और पर्यावरण पर पड़ रहा है। ऐसे में जैविक खेती ही एकमात्र सही विकल्प के रूप में सामने आती है।
जैविक खेती में प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग किया जाता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और पर्यावरण संतुलित रहता है। इससे उत्पन्न फसलें शुद्ध, सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक होती हैं। साथ ही, यह खेती पद्धति दीर्घकालीन लाभ प्रदान करती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जमीन को सुरक्षित रखती है।
बायोडाइजेस्टर एक ऐसी तकनीक है जो जैविक कचरे (गोबर, रसोई का कचरा) को एनारोबिक बैक्टीरिया के जरिए उपयोगी बायोगैस और जैविक तरल खाद में बदलती है ।
हाल ही में जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने दैनिक भारत सम्राज्य राजधानी भोपाल से प्रकाशित हिन्दी समाचार पत्र के सम्पादक ने नर्मदांचल गौ सेवा केन्द्र ढोंढ़ा में संचालित जैविक फार्म हाउस का विजिट किया। साथ ही शुरुआत से अभी तक कैसे कार्य किया इस पर चर्चा करते हुए विभिन्न जैविक खाद बनाने को लेकर वार्ता किया। और प्रक्टिकल में केंचुआ खाद, वर्मीवाश,अग्नीअस्त्र, जीवामृत, बीजोपचार आदि को देखा व जैविक फार्म हाउस पर लगी हुई सब्जियां देखा और बहुत ही सराहना किया ।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!