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नांदनवाड़ी सी एच सी की बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, कलेक्टर एवं सी एम एच ओ को सौंपा ज्ञापन

नांदनवाड़ी सी एच सी की बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, कलेक्टर एवं सी एम एच ओ को सौंपा ज्ञापन

संवाददाता धनंजय जोशी

जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

जिले के ग्राम पंचायत नांदनवाड़ी में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। सरपंच, उपसरपंच एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासियों ने कलेक्टर, जिला पांढुरना एवं सी एम एच ओ डॉ गोन्नाडे को ज्ञापन सौंपकर स्वास्थ्य केंद्र की गंभीर समस्याओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर एवं नर्स की नियमित उपस्थिति नहीं रहती, जिसके कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। विशेष रूप से आपातकालीन परिस्थितियों में भी मरीजों को प्राथमिक उपचार दिए बिना सीधे जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है।


नांदनवाड़ी स्वास्थ्य केंद्र पर एक बड़े आदिवासी क्षेत्र की निर्भरता होने के बावजूद यहां बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस लापरवाही का सीधा असर गरीब और दूरदराज के मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

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ग्रामीणों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
महिला मेडिकल ऑफिसर की तत्काल नियुक्ति
पर्याप्त संख्या में नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता
फार्मेसिस्ट एवं ड्रेसर की नियुक्ति
आधुनिक चिकित्सा उपकरणों व सुविधाओं की व्यवस्था
टिटनेस सहित आवश्यक इंजेक्शन एवं दवाइयों की नियमित उपलब्धता
ज्ञापन सौंपते समय नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जयंत घोड़े, सरपंच सुधाकर वरखड़े, सरपंच संघ अध्यक्ष अरुण धुर्वे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की।


ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो वे जनहित में आंदोलन या अनशन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से भी विस्तृत चर्चा की और पूरे मामले को कलेक्टर के संज्ञान में लाया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।

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