
पांढुर्णा में शिक्षा सुधार की पहल रंग लाई: कांग्रेस के धरने के बाद प्रशासन ने दिया आश्वासन
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था सुगम बनाने की दिशा में नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा किया गया सकारात्मक आंदोलन अब परिणाम देने लगा है। शहर के तीनशेर चौक पर आयोजित धरना-प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने छात्रों के हित में अहम कदम उठाने का आश्वासन दिया है, जिससे अभिभावकों और विद्यार्थियों में नई उम्मीद जगी है।

नगर कांग्रेस द्वारा आयोजित इस धरने का मुख्य उद्देश्य जिले में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाना और विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना था। इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।
प्रमुख मांगों में शामिल रहे ये मुद्दे
धरने के दौरान शिक्षा से जुड़े पांच प्रमुख प्रस्ताव प्रशासन के समक्ष रखे गए, जिनमें—
शहर के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय (पुराना भवन) एवं लाल बहादुर शास्त्री माध्यमिक शाला को पुनः प्रारंभ करना
ग्रामीण क्षेत्रों जैसे नांदनवाड़ी, तिगांव, सिवनी, बड़चिचोली और बनगांव में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना
आदिवासी छात्राओं के लिए पांढुर्णा में छात्रावास की व्यवस्था
जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय खोलने हेतु प्रस्ताव भेजना
अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की स्थापना

प्रशासन का सकारात्मक रुख, मिला आश्वासन
धरने के बाद प्रशासन ने इस पहल को गंभीरता से लेते हुए त्वरित प्रतिक्रिया दी। जिला कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय (पुराना भवन) और लाल बहादुर शास्त्री माध्यमिक शाला के रिक्त भवनों को शीघ्र शुरू किया जाएगा। यहां कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को सीधे प्रवेश देने की व्यवस्था भी की जाएगी।
इस निर्णय से खासकर उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जो अब तक प्रवेश या दूरी की समस्या से जूझ रहे थे। स्थानीय स्तर पर ही शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से ड्रॉपआउट दर में कमी आने और शिक्षा का स्तर सुधरने की उम्मीद है।
नगर कांग्रेस कमेटी का यह आंदोलन जिले में शिक्षा सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। जनहित में उठाए गए इस कदम और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सामूहिक प्रयासों से सकारात्मक बदलाव संभव है। पांढुर्णा को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।