
पावन संकल्प: बुद्ध पूर्णिमा पर पांढुरना तहसील में 2001 घरों में होगा गृह-गृह यज्ञ
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुरना। धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक जागरण के संगम का एक अद्भुत दृश्य आगामी बुद्ध पूर्णिमा पर पांढुरना तहसील में देखने को मिलेगा। स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ पांढुरना में आयोजित तहसील समन्वय समिति एवं नवचेतना केंद्रों की महत्वपूर्ण बैठक में यह पावन संकल्प लिया गया कि तहसील के विभिन्न गांवों में 2001 घरों में गृह-गृह यज्ञ आयोजित किए जाएंगे।

बैठक जिला समन्वयक श्री शंकर घोड़की, रामराव कालबाडे एवं योगिराज वानोडे की गरिमामयी उपस्थिति में तथा प्रबंध ट्रस्टी जयंत चरडे की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में आध्यात्मिक वातावरण के बीच यज्ञ को जन-जन तक पहुंचाने और इसे सामाजिक चेतना के महाअभियान के रूप में सफल बनाने की रणनीति बनाई गई।
ज्ञात हो कि इस महाअभियान के अंतर्गत पूरे पांढुरना जिले में 5001 यज्ञ सम्पन्न कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा, संस्कार और धार्मिक चेतना का व्यापक प्रसार होगा।
बैठक में सह-प्रबंध ट्रस्टी गजानन मस्तकार, भीमराज पराड़कर, हेमलता पूरी, पुष्पा खंडार, मालती जवने, पुरुषोत्तम कोरडे, पूनमचंद कोल्हटकर, हंसराज देशमुख एवं अशोक बुवाडे सहित अनेक समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि गृह-गृह यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि यह संस्कार, पर्यावरण शुद्धि और सामूहिक चेतना जागरण का सशक्त माध्यम है। यज्ञ के माध्यम से परिवारों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और समाज में एकता, शांति एवं सद्भाव का संदेश प्रसारित होगा।
बुद्ध पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर पांढुरना में होने जा रहा यह महाअभियान निश्चित ही आध्यात्मिक नवजागरण की एक नई दिशा प्रदान करेगा।