


अंतिम दिन भंडारे का आयोजन भी हुआ
महिलाओं ने सिर पर रथ लेकर चतुर्भुज राम मंदिर से गोमती कुंड तक यात्रा निकाली
राहुल सेन मांडव
मो 9669141814
मांडू न्यूज/सोमवार रात मांडू नगर और आसपास के क्षेत्रों में गणगौर माता की पारंपरिक सवारी और रथ यात्राएं धूमधाम से निकाली गईं। यह यात्रा परंपरा, संस्कृति और आस्था का प्रतीक रही।
माता के रथों को महिलाएं अपने सिर पर लेकर निकलीं
25 से अधिक घरों में बने माता के रथों को महिलाएं अपने सिर पर लेकर निकलीं। ढोल-ताशे और डीजे की धुन पर धार्मिक भजनों पर नाचते-गाते और गरबा खेलते हुए ये महिलाएं चतुर्भुज राम मंदिर पहुंचीं।
मंदिर में आचार्य पंडित शुभम त्रिवेदी और पंडित महेंद्र शर्मा ने माता की पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता को जल पिलाया, पुष्पमाला पहनाई और मंत्रोच्चार के साथ पुष्पांजलि अर्पित कर महाआरती की।गणगौर पर्व आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक
इन भव्य सवारियों में मांडू नगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं और बालिकाएं पारंपरिक पोशाक में शामिल हुईं। नगर की वरिष्ठ महिलाओं, इंदिरा बाई शर्मा और पुष्पा यादव ने बताया कि गणगौर पर्व उनके लिए आस्था, परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
वे इस पर्व का पूरे वर्ष इंतजार करती हैं और अपने सुहाग, नगर और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए 16 दिनों तक माता रानी की आराधना करती हैं।
भुने हुए चने और मक्के की धानी का प्रसाद बांटा
पर्व के दौरान महिलाओं ने रात्रि जागरण किया, हाथों में मेहंदी लगाई और गणगौर माता के गीत गाकर नृत्य किया। प्रत्येक घर में भुने हुए चने और मक्के की धानी का प्रसाद बांटा गया। पूरे नगर में भक्तिमय माहौल रहा और गणगौर माता के गीत गूंजते रहे।
छोटे बच्चे बने गणगौर माता ओर ईश्वर जी
मांडू में छोटे छोटे बच्चे गणगौर के इस आयोजन में गणगौर माता ओर ओर उनके पति ईश्वर जी बने ओर खूब गणगौर के भजनों पर नत्य क्या
चतुर्भुज श्री राम की नगरी में तीन दिवसीय गणगौर महोत्सव का आज समापन हो गया। यह महोत्सव आस्था और परंपरा के साथ संपन्न हुआ।
इस दौरान पुरानी परंपरा के अनुसार गणगौर की विदाई पारंपरिक गीत गाकर और पूजा-अर्चना करके की गई वही चतुर्भुज श्री राम मंदिर में गणगौर माता के रथ की पूजा ओर आरती के बाद गणगौर माता के रथ को पूरे नगर में घुमा कर गोमती कुंड पहुंच कर माता को विदाई दी ।
समापन के अवसर पर नितिन पटेल के द्वारा भंडारे का आयोजन भी किया गया। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में गांव के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।