चंदौली जनपद के नौगढ़ तहसील क्षेत्र स्थित भैसौड़ा जंगल में औद्योगिक कचरा डंप किए जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। मझगाई वन रेंज की टीम रात में भैसौड़ा कंपार्टमेंट 20बी में नियमित गश्त कर रही थी, तभी अधिकारियों को हवा में तेज दुर्गंध महसूस हुई। पड़ताल करने पर मौके पर अवैध रूप से औद्योगिक कचरा गिराया जा रहा था। वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो ट्रैक्टर जब्त कर मझगाई रेंज में ले आए। इस मामले में उप प्रभागीय वनाधिकारी वरुण सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिजर्व फॉरेस्ट या किसी भी जंगली क्षेत्र में बिना अनुमति कचरा डालना गंभीर अपराध है। वन विभाग ने मौके से संदिग्ध कचरे के नमूने एकत्र कर लिए हैं। संबंधित रिलायंस कंपनी से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। वन अधिकारियों का मानना है कि यदि प्रयोगशाला जांच में यह कचरा जहरीला रासायनिक पाया जाता है, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। बारिश के पानी के साथ मिलकर यह केमिकल मिट्टी और भूजल को दूषित कर सकता है। इससे भैसौड़ा, बसौली टिकुरिया, गंगापुर, जरहर और दानौगढ़ा जैसे दर्जनों गांवों की खेती, पशुधन और स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर घातक असर पड़ सकता है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासनिक तंत्र और प्रदूषणनियंत्रण बोर्ड की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल उठ रहा है कि यदि इतने बड़े पैमाने पर जंगल के भीतर औद्योगिक कचरा डंप किया जा रहा था, तो निगरानी करने वाले जिम्मेदार विभाग अब तक क्या कर रहे थे। वन विभाग अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ मिलकर मामले की संयुक्त जांच कराएगा।
जंगल और आसपास के इलाकों में केमिकल युक्त कचरा फेंके जाने की खबर से स्थानीय ग्रामीणों में गुस्सा है। भैसौड़ा और आसपास के गांव वालों का कहना है कि विकास के नाम पर उनके पानी, जंगलों और भावी पीढ़ी के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जंगल से इस कचरे को तुरंत नहीं हटवाया गया और दोषी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करेंगे।



