गणेश पाण्डे डिंडोरी
डिंडोरी।आज मंगलवार को सवर्ण समाज ने जिला मुख्यालय में यूजीसी/ अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम में संशोधन की मांग को लेकर रैली निकालकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। रैली के प्रारंभ के अवसर पर समाज के लोगों ने मां नर्मदा जी को ज्ञापन अर्पित कर आशीर्वाद लिया और अपनी मांगों के लिए आगे भी शांतिपूर्ण तरीके से प्रयास जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
तत्पश्चात डेम घाट नर्मदा मंदिर से प्रारंभ कर रैली कलेक्ट्रेट पहुंची और एसडीएम राम बाबू देवांगन के हाथ में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।जिसमें यूजीसी से संबंधित नियमों और जातिगत आरक्षण व्यवस्था के विरोध में एवं अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के दुरुपयोग की रोकथाम सहित विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को डिंडौरी जिला मुख्यालय में सवर्ण समाज द्वारा रैली आयोजित की गई। रैली में बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग शामिल हुए।
रैली का नेतृत्व स्वामी आशुतोष जी महाराज द्वारा किया गया। रैली के दौरान समाज के लोगों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई और जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में यूजीसी से संबंधित प्रावधानों एवं नीतियों की पुनः समीक्षा तथा जातिगत आरक्षण को समाप्त कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू किए जानेकी मांग प्रमुख रूप से रखी गई है। ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
सवर्ण समाज द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में यूजीसी से संबंधित प्रावधानों की समीक्षा कर यूजीसी वापस लेने की मांग की गई।
इसके साथ ही आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए उसके आधार के संबंध में आर्थिक स्थिति के आधार पर आरक्षण की मांग रखी गई है। ज्ञापन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से संबंधित कानूनों की प्रभावी समीक्षा तथा कानून के दुरुपयोग की शिकायतों की निष्पक्ष जांच एवं रोकथाम के लिए प्रभावी कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है।इसके अलावा शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में समाज के सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराने तथा सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने की बात कही गई है।जैसा कि संविधान में समानता का अधिकार दिया गया है लेकिन जातिगत आरक्षण उस अधिकार को समाप्त कर रहा है।
‘एक देश, एक विधान, एक संविधान’ की भावना पर जोर
ज्ञापन में ‘एक देश, एक विधान, एक संविधान’ की भावना को सुदृढ़ करने, देश की एकता, अखंडता एवं संवैधानिक व्यवस्था को मजबूत करने तथा समानता और एकरूपता की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है। रैली के दौरान सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी मांगों पर केंद्र सरकार द्वारा गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों की समीक्षा की जाए।
ज्ञापन में मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात भी कही गई है।
