

‘होली के रंग आजीविका के संग’
रीठी में हुआ दो दिवसीय उत्पाद मेले का आयोजन
गौकाष्ट, गोबर उत्पाद एवं जैविक उत्पादों ने किया लोगों को आकर्षित
कटनी (27 फरवरी) – कलेक्टर श्री आशीष तिवारी एवं जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर के निर्देशानुसार तथा जिला परियोजना प्रबंधक एनआरएलएम शबाना बेगम के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जनपद पंचायत रीठी द्वारा जिले के सभी विकासखण्डों में ‘होली के रंग, आजीविका के संग’ आजीविका उत्पाद मेलों का आयोजन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में आजीविका मिशन रीठी द्वारा ग्राम पंचायत भवन परिसर में दो दिवसीय उत्पाद मेलों का आयोजन 25 और 26 फरवरी को किया गया। महिलाओं को सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने का आजीविका मिशन द्वारा विभिन्न माध्यमों से निरंतर प्रयास किया जा रहा है। जिसके लिए समूह सदस्यों को प्रशिक्षण क्षमतावर्धन कर गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
इस उत्पाद मेले में विकासखंड रीठी के अंतर्गत संचालित संकुल संगठनों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी सह विक्रय हेतु रखा गया। जिसमें ज्योति सीएलएफ द्वारा ग्राम बडगांव से लाखचूडी धनियां एवं गोबर उत्पाद, ग्राम तिघराकलॉ से चावल एवं सरसों। इसी प्रकार महिलाशक्ति सीएलएफ द्वारा ग्राम जमुनिया (गौशाला) से गोबर की लकडी (गौकाष्ट), गोबर के अन्य उत्पाद तथा नौवापटी से जैविक उत्पाद सब्जी फल इत्यादि। वहीं दुर्गा सीएलएफ ग्राम बिलहरी से पत्थर मूर्ति, मिटटी मूर्ति, हैंगर इत्यादि। जबकि एकता सीएलएफ रीठी के ग्राम हरद्वारा से बडी, पापड़, नमकीन, सब्जी, फल, फेलावर ज्वेलरी इत्यादि शामिल रही।
मेले में शामिल सामग्री को क्रय करने स्थानीय नागरिकों का उत्साह देखने को मिला जिसमें नायब तहसीलदार, एसबीआई रीठी के शाखा प्रबंधक, फील्ड ऑफीसर, विभिन्न सरपंच, सचिव व अन्य जनप्रतिनिधि पत्रकार गण इत्यादि भी शामिल हुये। मेले में अपने समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को विक्रय के लिये लाई महिलाओं द्वारा सहभागिता की गई। उनके उत्पादों के पश्चात मिल रही प्रशंसा से उनमें आत्म विश्वास भी बढ़ रहा है।
कार्यक्रम के आयोजन में विकासखण्ड प्रबंधक राजेश पाण्डेय, सहायक विकासखण्ड प्रबंधक देवेन्द्र कुमार जैन, मथुरा प्रसाद, जानकी शरण शिवहरे, कल्लू प्रसाद यादव, पुष्पेन्द्र कुमार सेन के अतिरिक्त अचर्ना लोधी, ज्योति लोधी, उर्मिला लोधी, क्रांति तिवारी, सरिता सिंह, सीमा सिंह, ममता सिंह, आशाबाई व तरूण बाई ने विशेष रूप से सहयोग किया।
क्रमांक 947/417