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पल्स पोलियो के प्रशिक्षण में बीसीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को किया अपमानित

नाराज़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने घेरा तहसील कार्यालय, तहसीलदार को ज्ञापन सौंप कर कार्यवाही की मांग

कटनी, रीठी।। GANESH UPADHYAY VANDE BHARAT LIVE TV NEWS KATNI MP

बीते बुधवार को रीठी ब्लॉक में आयोजित पल्स पोलियो के प्रशिक्षण में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी में पदस्थ बीसीएम द्वारा अफसरशाही की धौंस बघारते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को अपमानित करने का मामला सामने आया है। बताया गया कि प्रशिक्षण देने की बजाय बीसीएम द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की तुलना आशा कार्यकर्ताओं से की जा रही थी। जिससे नाराज रीठी ब्लॉक की सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकताओं व सहायिकाओं ने शुक्रवार को नगर में रैली निकालकर रीठी तहसील कार्यालय का घेराव कर दिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने रीठी तहसीलदार को ज्ञापन शिकायत पत्र सौंपकर बीसीएम पर कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि बीसीएम सार्वजनिक तौर पर माफी मांंगे नहीं तो हम लोग स्वास्थ्य विभाग के काम में सहयोग नहीं करेंगे।

यह है मामला

बताया गया कि बीते मंगलवार को रीठी ब्लॉक में आगामी पल्स पोलियो अभियान को लेकर आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका का प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। जिसमें पल्स पोलियो अभियान से संबंधित प्रशिक्षण देने की बजाय रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ बीसीएम अफसाना बी द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका से आशा कार्यकर्ता के बीच में मतभेद कराते हुए अभद्रता पूर्ण व्यवहार किया गया। बताया गया कि प्रशिक्षण के दौरान बीसीएम द्वारा वेतन का तगाजा आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दोनों के साथ किया गया। अफसरशाही के वायरस से पीड़ित बीसीएम मेडम द्वारा कहा गया कि हमारी आशाओं को सोलह हजार रुपए वेतन मिलता है तो हमारी आशा आपसे ऊपर हुईं और आप लोगों द्वारा आशाओं को नीचे रखा जाता है। नाराज़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने रीठी तहसीलदार से कहा कि किसी भी प्रकार के राष्ट्रीय कार्यक्रम में किसी भी छोटे कर्मचारी को अपमानित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग दोनों के सामंजस्य से काम किया जाता है लेकिन कार्यकर्ताओं के अभद्रतापूर्ण व्यवहार होने के कारण बीसीएम से सार्वजनिक तौर पर माफी मंगाई जाए नहीं तो हम सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका स्वास्थ्य विभाग के कार्यों में सहयोग करने का बहिष्कार करते हैं।

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जमकर की नारेबाजी, कार्यवाही की मांग पर अड़ी रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

देखा गया कि पल्स पोलियो अभियान के प्रशिक्षण के दौरान बीसीएम के बिगड़े बोल से नाराज़ रीठी ब्लॉक भर की सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने मुख्यालय में नारेबाजी करते हुए रैली निकालकर रीठी तहसीलदार कार्यालय पहुंची। नाराज आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय में भी अभी करो अर्जेंट करो बीसीएम को सस्पेंड करो के नारे लगाए। तहसीलदार आकांक्षा चौरसिया को शिकायती आवेदन सौंपने के बाद भी कार्यकताएं परिसर के बाहर कार्यवाही की मांग को लेकर बैठी रहीं, जिसके बाद तहसीलदार की समझाइश व बीएमओ से बात कर कार्यवाही का आश्वासन मिलने के बाद वापस लौटीं। इस दौरान आशा कुशवाहा, मनोरमा, सुनीता चौधरी, संगीता सेन, पार्वती चौधरी, चंदा बाई, जानकी श्रीवास, अंजना तिवारी, रूक्मणी बर्मन, प्रियंका, कविता यादव, आशा श्रीवास, सुमन निगम, सरस्वती, सुनीता बाई, सुशीला, जानकी श्रीवास, कल्पना तिवारी, द्रोपदी बाई, प्रेमलता पटेल, उर्मिला दुबे सहित बड़ी संख्या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका उपस्थित थीं।

स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के हौंसले बुलंद

गौरतलब है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी में पदस्थ बीएमओ डॉ मेघेन्द्र श्रीवास्तव में दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी व ढीली लगाम के चलते यहां पदस्थ प्रत्येक कर्मचारियों के हौंसले बुलंद हैं। यहां वर्षों से जमें कर्मचारियों का एकछत्र राज चलता है। जिसके चलते आए दिन अस्पताल में मरीजों के परिजनों व कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति भी निर्मित होती है। बताया जाता है कि यहां मलाईदार पदों पर तैनात कुछ कर्मचारी तो अपने आप को बड़ा अफसर समझते हैं।

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