

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर। जिले में देर रात अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
फरवरी के इस समय रबी की फसलें — विशेषकर गेहूं, चना और सरसों — खेतों में पकने की ओर बढ़ रही हैं। ऐसे में नमी और बादल छाए रहने से फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा या तेज बारिश हो गई, तो दाना काला पड़ने और फसल गिरने का खतरा बढ़ सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों ने बताया कि सुबह खेतों में हल्की नमी देखी गई। हालांकि बूंदाबांदी बहुत तेज नहीं थी, लेकिन लगातार बादल छाए रहने से धूप नहीं निकल पाई, जिससे फसल की बढ़वार और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
कृषि जानकारों के अनुसार इस समय गेहूं में बालियां निकल रही हैं और सरसों की फलियां तैयार हो रही हैं। ऐसे में अधिक नमी रोगों को बढ़ावा दे सकती है। यदि मौसम साफ नहीं हुआ तो कीट और फफूंद का खतरा भी बढ़ सकता है।
किसानों ने प्रशासन से मौसम की सटीक जानकारी और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि समय रहते दवाओं का छिड़काव कर नुकसान से बचा जा सके।
फिलहाल किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं और साफ मौसम की उम्मीद कर रहे हैं।