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आईटीआई पांढुर्णा से रेलवे तक: हरेश बालपांडे की प्रेरक सफलता गाथा

आईटीआई पांढुर्णा से रेलवे तक: हरेश बालपांडे की प्रेरक सफलता गाथा

संवाददाता धनंजय जोशी

जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

दृढ़ संकल्प और तकनीकी दक्षता से सहायक लोको पायलट पद पर चयन

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पांढुरना – सपनों को साकार करने के लिए यदि दृढ़ संकल्प, तकनीकी ज्ञान और निरंतर परिश्रम हो, तो सफलता अवश्य मिलती है। इस कथन को चरितार्थ किया है शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) पांढुर्णा के पूर्व प्रशिक्षु श्री हरेश बालपांडे ने, जिनका चयन दक्षिण मध्य रेलवे, सिकंदराबाद मंडल में सहायक लोको पायलट (Assistant Loco Pilot) के पद पर हुआ है।

 

श्री हरेश बालपांडे ने आईटीआई पांढुर्णा से इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक ट्रेड (सत्र 2014–2016) में प्रशिक्षण प्राप्त किया एवं वर्ष 2016 में सफलता पूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण किया। प्रशिक्षण के दौरान अर्जित तकनीकी दक्षता, अनुशासन और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की कठिन चयन प्रक्रिया में सफलता प्राप्त की। यह उपलब्धि उनके समर्पण और सतत प्रयासों का प्रतिफल है।

दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा जारी आदेश के अनुसार श्री हरेश बालपांडे को 7वें वेतन आयोग के अंतर्गत लेवल-2 में सहायक लोको पायलट के पद पर अस्थायी नियुक्ति प्रदान की गई है। उनकी जॉइनिंग दिनांक 05 मार्च 2026 निर्धारित की गई है, जो उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण क्षण है।
श्री हरेश बालपांडे, पिता श्री वासुदेव बालपांडे एवं माता श्रीमती संगीता बालपांडे, निवासी तिलक वार्ड, तहसील पांढुर्णा हैं। उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार, बल्कि आईटीआई पांढुर्णा के प्रशिक्षकों एवं समस्त स्टाफ में भी हर्ष और गर्व का वातावरण है।

संस्था के प्राचार्य श्री ज्ञानदेव तलमले एवं स्टाफ ने श्री हरेश बालपांडे को इस सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि उनकी यह उपलब्धि आईटीआई पांढुर्णा के अन्य प्रशिक्षणार्थियों को तकनीकी शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने एवं राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करेगी।

यह सफलता कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर, तो कोई भी सपना दूर नहीं रहता।

 

 

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