

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
सुमेरपुर हमीरपुर। रविवार को देर शाम कस्बे की वार्ड संख्या आठ में विंध्यवासिनी मार्ग में प्रतिबंधित रोट विलर कुत्ते ने दोस्त की छत में खेल रहे किशोर पर हमला बोलकर लहुलुहान कर दिया। किशोर को प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर किया गया है। किशोर की हालत गंभीर बताई जा रही है। कुत्ता बसपा नेता का बताया जा रहा है। बताते हैं कि उसके पूर्व भी यह कई लोगों को काट चुका है।
कस्बे के वार्ड संख्या आठ में रविवार को देर शाम एक बसपा नेता के पालतू कुत्ते रॉट विलर ने दोस्त के घर की छत में खेल रहे राजेंद्र गौतम के पुत्र अंश गौतम(12) पर हमला करके लहूलुहान कर दिया। अचानक हुई इस घटना से मोहल्ले में हड़कंप मच गया है। किसी तरह से लोगों के हमलावर हुए कुत्ते को भगाकर किशोर को बचाया। किशोर की मां अनीता गौतम ने बताया कि बेटा अपने दोस्त आदित्य के साथ छत पर खेल रहा था। तभी कुत्ते ने हमलाकर छाती एवं हाथ में बुरी तरह से काटा है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। किशोर के पिता राजेंद्र ने घटना से पुलिस को अवगत कराया है। लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी दिनेश आर्य ने बताया कि कुत्ता प्रतिबंधित प्रजाति का है। इसको पालने की अनुमति लेना जरूरी है। लेकिन अनुमति नहीं ली गई है। उन्होंने बताया कि अभी तक हमारे पास कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर कार्यवाही की जाएगी। बताते हैं कि इसके पूर्व भी यह दस से अधिक लोगों को काटकर लहूलुहान कर चुका है।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश को धता बता पाल रखा है रोट विलर
सुमेरपुर हमीरपुर। कस्बे के दबंग बसपा नेता ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दरकिनार करके प्रतिबंधित रॉटविलर को पाल रखा है। दबंगी के चलते हादसे होने के बाद लोग शिकायत का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। यही कारण है कि वह इस प्रतिबंधित कुत्ते को लेकर कस्बे में खुलेआम बाइक में घूमाकर अपना रौब गांठता है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.भूपेंद्र सिंह यादव ने कहा कि यह प्रतिबंध श्रेणी में आता है। इसको बगैर अनुमति के नहीं पाला जा सकता है। इसको पालने के लिए स्थानीय निकाय से अनुमति लेना जरूरी है। कस्बे में यह कैसे पाला गया है। इसकी जानकारी नहीं है। अगर पीड़ित रिपोर्ट दर्ज करता है और पुलिस कुत्तों को कब्जे में लेती है तो इसको लेकर कानपुर अथवा झांसी में बनाए गए शेल्टर होम भेजा जाएगा। अब सवाल यह उठता है कि अगर पीड़ित शिकायत नहीं करता है तो स्थानीय निकाय,पशु पालन एवं पुलिस क्या कार्यवाही करेगी,या फिर लोगों को काटने के लिए कुत्ते को खुला छोड़ रखा जाएगा।