

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ़ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा हमीरपुर। मौदहा कस्बे में पनप रहे भ्रष्टाचार ने जिले को पीछे छोड़ दिया है जहां पर प्रतिबंधित डस्ट के माध्यम से नाबालिगों से मजदूरी कराई जा रही है जो पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है जबकि एक पखवाडे से बन रहे नाले पर किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर नहीं पडना खुले भ्रष्टाचार को बढावा देने का काम कर रहा है। वहीं नगरपालिका अध्यक्ष ने डस्ट और नाबालिग मजदूरों के बारे में जानकारी से इनकार किया है।
नाबालिगों से कराई जा रही मजदूरी बना चर्चा का विषय

कस्बे के मोहल्ला फत्तेपुर पूर्वी में इस समय एक नाले का निर्माण किया जा रहा है। जिसमे धडल्ले से प्रतिबंधित डस्ट का प्रयोग किया जा रहा है इतना ही नहीं उक्त नाला निर्माण में नाबालिगों द्वारा मजदूरी कराई जा रही है। लेकिन यहां सबसे बडी बात यह है कि अधिकांश नाबालिग मजदूरों की आधार कार्ड में जन्मतिथि एक जनवरी दर्शाई गई है जो इन नाबालिगों के आधार कार्ड अपडेट कर कम्प्यूटर के माध्यम से जन्मतिथि में छेडछाड की ओर इशारा करता है। हालांकि हमारे द्वारा आधार कार्ड में छेडछाड की पुष्टि की सत्यता प्रमाणित नहीं की जाती है। लेकिन अगर मामला ऐसा है तो क्षेत्र में एक बडे भ्रष्टाचार के नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
इस सम्बन्ध में नगरपालिका अध्यक्ष रजा मोहम्मद ने जानकारी होने से इनकार किया है।
यहां सबसे विचारणीय बात यह है कि लगभग एक पखवाड़ा से अधिक समय से हो रहे नाले के निर्माण को लेकर अभी तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण नहीं किया जो उनके गैर जिम्मेदाराना रवैया की ओर इशारा करता है।