
रवि शिमले रिपोर्टर
अंजड़ / बड़वानी

इंदिरा कंपलेक्स के सामने से बस स्टैंड तक रोजाना दर्जनों ट्रांसपोर्ट वाहन बिना किसी ऑफिस या गोडाउन के सड़क पर अवैध रूप से खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने नगर परिषद, पुलिस थाना, तहसील कार्यालय अंजड़ को आवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि इन वाहनों से हाथ ठेले पर सामान लादा जाता है, जिससे आवागमन बाधित हो जाता है और भयंकर जाम लग जाता है।आवेदनकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि वाहन चालक सड़क पर ही माल बिखेर देते हैं, जो घोर अतिक्रमण का प्रतीक है। इससे पूरा चौराहा जाम हो जाता है और ट्रांसपोर्ट वाहनों ने पूरे क्षेत्र पर कब्जा जमा लिया है। नगर परिषद की लापरवाही से स्थानीय दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह ठप्प हो गया है। ग्राहक इन विशाल वाहनों के कारण गाड़ियां पार्क नहीं कर पाते, जिससे व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आए दिन जाम से ग्राहकों और ट्रांसपोर्ट चालकों के बीच झगड़े-फसाद हो रहे हैं।आवेदन में चेतावनी दी गई है कि इन भारी वाहनों से नालियां धंस चुकी हैं और हादसे होते-होते बचे हैं। यदि कोई बड़ी दुर्घटना हुई तो नगर परिषद की जिम्मेदारी कौन लेगा? यह प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता प्रमाण है। नगर परिषद द्वारा लाखों रुपये की लागत से बनाई गईं किराए की दुकानों को भी इन ट्रकों से नुकसान हो रहा है। आवेदनकर्ताओं ने मांग की है कि तत्काल ट्रांसपोर्ट वाहनों को हटाया जाए, ‘अतिक्रमण हटाओ’ अभियान चलाया जाए, चालान काटे जाएं और भविष्य में दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए सख्ती बरती जाए। अन्यथा स्थानीय व्यापारी एवं नागरिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।नगर परिषद, पुलिस और तहसील कार्यालय से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। स्थानीय नागरिकों ने शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई है।
