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जनपद न्यायालय सभागार, हमीरपुर में ‘साइबर विधि’ एवं ‘पॉश अधिनियम 2013’ पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का भव्य आयोजन

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ़ राजकुमार की रिपोर्ट

हमीरपुर । 08 जनवरी को जनपद न्यायालय सभागार में ‘साइबर विधि’ एवं ‘पॉश अधिनियम 2013’ अभियान पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर एवं गैर सरकारी संस्था जन साहस के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। यह कार्यशाला डिजिटल युग में उभरते अपराधों, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन पर केंद्रित रही। जनपद न्यायालय के सभी न्यायिक अधिकारीगण भी इस अवसर पर उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय बनाया।

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कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर श्री मनोज कुमार राय द्वारा माँ सरस्वती को पुष्प अर्पित करके किया गया। उद्घाटन सत्र में माननीय जनपद न्यायाधीश श्री मनोज कुमार राय द्वारा बताया गया कि आज के डिजिटल दौर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जबकि पॉश अधिनियम जैसे कानूनी प्रावधान समाज को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि ये जानकारियां ग्रामीण स्तर तक पहुंचाएं, ताकि समाज का हर वर्ग कानूनी रूप से सशक्त हो सके।

कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन कार्यालय, थाना साइबर क्राइम जनपद हमीरपुर, जन साहस गैर सरकारी संस्था एवं स्व. श्री सुरेश चन्द्र मिश्रा लॉ कालेज, हमीरपुर से कुल 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया। जनपद न्यायालय के सभी न्यायिक अधिकारीगणों की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया। प्रतिभागियों में विद्यार्थी, शिक्षक, प्रोबेशन अधिकारी, पुलिसकर्मी एवं एनजीओ प्रतिनिधि शामिल थे, जो विभिन्न सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लेते नजर आए।

माननीय जनपद न्यायाधीश श्री मनोज कुमार राय द्वारा साइबर अपराध एवं पॉश अधिनियम के बारे में प्रारंभिक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि साइबर विधि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 (IT Act) पर आधारित है, जो ऑनलाइन धोखाधड़ी, हैकिंग, साइबर स्टॉकिंग एवं फेक न्यूज जैसे अपराधों को नियंत्रित करती है। पॉश अधिनियम (यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम 2013) कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, जिसमें आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन अनिवार्य है।

इस अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डॉ. महेन्द्र कुमार पाण्डेय ने मुख्य सत्र संबोधित किया। उन्होंने पॉश अधिनियम (POSH Act) एवं ‘साइबर विधि’ से संबंधित जागरूकता विषय पर विस्तृत जानकारी दी। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर द्वारा स्पष्ट किया कि पॉश अधिनियम कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने के लिए है, जबकि बच्चों की सुरक्षा के लिए POCSO अधिनियम 2012 लागू होता है, जो यौन शोषण, अत्याचार एवं शारीरिक नुकसान से बचाव प्रदान करता है। उन्होंने प्रतिभागियों, विशेषकर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपराधिक कृत्य की सूचना तुरंत थाना साइबर क्राइम या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर को देने का निर्देश दिया।

अपर पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार गुप्ता ने साइबर अपराध पर विशेष सत्र आयोजित किया। उन्होंने बताया कि पिछले 1000 से अधिक वास्तविक मामलों के आधार पर साइबर फ्रॉड के प्रकार जैसे फिशिंग, वन टाइम पासवर्ड चोरी, ऑनलाइन सट्टेबाजी एवं डीपफेक वीडियो का खतरा बढ़ रहा है। श्री मनोज कुमार गुप्ता द्वारा सुझाव दिये गये कि मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन एवं संदिग्ध लिंक न खोलने से 90% अपराध रोके जा सकते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) का उपयोग करने पर जोर दिया। सत्र में इंटरैक्टिव डेमो के माध्यम से प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के व्यावहारिक टिप्स सिखाए गए।

कार्यशाला के अन्य सत्रों में जन साहस एनजीओ के प्रतिनिधियों ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह अभियान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित है, जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर की भूमिका महत्वपूर्ण है। स्व. श्री सुरेश चन्द्र मिश्रा लॉ कालेज के छात्रों ने केस स्टडीज प्रस्तुत कीं, जिसमें पॉश अधिनियम के तहत सफल मुकदमों का विश्लेषण किया गया। जिला प्रोबेशन कार्यालय के अधिकारियों ने बच्चों के पुनर्वास पर प्रकाश डाला।

जनपद न्यायालय के न्यायिक अधिकारीगणों ने सत्रों में सक्रिय भागीदारी की तथा प्रश्नोत्तर सत्र में मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि न्यायालय स्तर पर ऐसे प्रशिक्षणों से विधिक सेवा वितरण मजबूत होता है। कार्यशाला में कुल 70 प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

समापन सत्र में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर श्री महेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने घोषणा की कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर भविष्य में भी ऐसे कार्यशाला आयोजित करेगा। इस आयोजन से प्रतिभागियों में कानूनी जागरूकता की गहरी समझ विकसित हुई, जो समाज सेवा में सहायक सिद्ध होगी। अधिक जानकारी हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर कार्यालय से संपर्क करें।

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