
तमाम विरोधों के बावजूद आज छठवें दिन भी जारी रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान
दुकानों के चबूतरे, तख्ते और ठेले हटाए; सड़कें हुईं चौड़ी, यातायात को मिली राहत
| पोरसा,,,,,,,,शहर में अवैध कब्जों को हटाने के लिए शुरू की गई अतिक्रमण हटाओ मुहिम आज छटवें दिन भी बिना किसी रुकावट के जारी रही। विरोध, आपत्तियों और बहसों की आवाज़ों के बावजूद प्रशासन ने अटेर रोड पर साफ कर दिया है कि शहर को जाम और अव्यवस्था से मुक्त करने के लिए अभियान किसी भी हालत में नहीं रोका जाएगा।
जिले के कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ की सख्त निगरानी और निरंतर फॉलो-अप के कारण पूरी टीम चौकन्नी और सक्रिय बनी हुई है। कलेक्टर की ताबड़तोड़ निर्देश शैली ने अधिकारियों को सतर्क कर दिया है, जिससे कार्रवाई में कहीं भी लापरवाही की गुंजाइश नहीं रही।
10 दिसंबर से शुरू हुआ अभियान, हटे 8–10 फीट तक के अतिक्रमण
10 दिसंबर बुधवार से आरंभ हुए अभियान में नगर पालिका और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बाजार क्षेत्रों में पहुंची और दुकानों के बाहर बने पक्के चबूतरे, लकड़ी के तख्ते, ब्रच, फुटपाथों पर खड़े दल और नाश्ता–फल के ठेले हटाने की कार्रवाई की।
कई दुकानों द्वारा 8 से 10 फीट तक सड़क पर फैलाए गए कब्जों को हटाने के बाद मुख्य मार्ग चौड़े दिखाई दिए। वर्षों से जाम की समस्या से जूझ रहे बाजार क्षेत्रों में पहली बार सड़कें खुली और यातायात सहजता से चलता दिखा।
बड़ी प्रशासनिक टीम लगातार सक्रिय
अभियान में शामिल रहे प्रमुख अधिकारी—
सीएमओ: अवधेश सिंह सेंगर
अतिक्रमण प्रभारी: संतोष सिंह तोमर
थाना प्रभारी: दिनेश सिंह कुशवाहा
मदखलत बल, आरआई–पटवारी और भारी पुलिस बल
अधिकारियों ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि दोबारा अतिक्रमण करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आज अटेर रोड पर चला बुलडोजर
अभियान साधू सिंह के तिराहे से शुरू होकर अंबाह रोड बायपास तक ढाई किलोमीटर लंबे हिस्से में चलाया गया। दोनों ओर सड़क किनारे बने स्थायी–अस्थायी निर्माणों को हटाया गया।
आज छटवें दिन की कार्रवाई में अटेर रोड सड़क के दोनों ओर कब्जे हटाने पर विशेष फोकस रहा।
अधिकारियों का कहना है कि मुख्य और उपमार्गों पर कार्रवाई आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी।
व्यापारियों की नाराजगी — “नाले के भीतर तक तोड़ना अनुचित”
कुछ व्यापारी इस कार्रवाई से असंतुष्ट भी हैं।
“नाले के ऊपर तक का अतिक्रमण हटाना समझ में आता है, लेकिन नाले के भीतर तक दुकानें हटवाना अनुचित है। इससे कई दुकानों का आधा हिस्सा खत्म हो जाएगा और भारी नुकसान होगा।”
व्यापारियों ने मांग की है कि कार्रवाई केवल नाले के ऊपर बने हिस्सों तक सीमित रखी जाए।
अभियान का असर — व्यापारियों में खौफ, खुद हटाने लगे अस्थायी कब्जे
अभियान के प्रभाव से शहर के व्यापारियों में खौफ साफ नजर आया। कई दुकानदार बिना किसी नोटिस के ही अपने अस्थायी तख्ते, टीन शेड, ब्रच और बाहर रखे सामान हटाते हुए देखे गए।
प्रशासन ने इसे सकारात्मक परिणाम बताते हुए कहा कि यह शहर को स्वयं अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में अहम कदम है।
सीएमओ का बयान — “पूरा शहर अतिक्रमण मुक्त बनेगा”
सीएमओ अवधेश सिंह सेंगर ने कहा—
“अब सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि कड़ी कार्रवाई होगी। दुकानों के बाहर लाल निशान के भीतर कोई निर्माण नहीं किया जाएगा। नाले के ऊपर किसी प्रकार की दुकान या तख्ता लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। जब तक पूरा शहर अतिक्रमण मुक्त नहीं हो जाता, यह अभियान लगातार जारी रहेगा।”
उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और जाम मुक्त बनाना है।
शहरवासियों में उम्मीद — सड़कें होंगी पहले जैसी व्यवस्थित लगातार कार्रवाई से शहरवासियों में उम्मीद जगी है कि:फुटपाथ खाली रहेंगे
सड़कें पुख्ता रूप से व्यवस्थित होंगी
और बाजार क्षेत्र पहले की तरह सुगम, सुरक्षित और जाम मुक्त दिखाई देंगे,,,,,,,,,,,
व्यापारियों ने आगे बताया कि नगर पालिका को अतिक्रमण की गाइडलाइन बनानी चाहिए और उसके मुताबिक चिन्ह लगाना चाहिए और उसके बाद उसे तोड़ना चाहिए कुछ लोगों का कहना हे कि आदमी देखकर अतिक्रमण हटाया जा रहा हे नगर पालिका नियम से अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा हे रसूख लोगों का नहीं तोड़ा जा रहा हे