
अंजड़/बड़वानी

रवि शिमले रिपोर्टर
मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग द्वारा संपूर्ण मध्यप्रदेश में गीता जयंती को महोत्सव की तरह मनाया जा रहा है जो दिनांक 24 नवंबर से 5 दिसंबर तक रहेगा। कार्यक्रम के तहत श्रीमद्भागवत गीता के 15 वें अध्याय का सामूहिक सस्वरपाठ, श्री कृष्ण नाट्य का मंचन, आनलाइन श्रीमद्भागवत गीता ज्ञान प्रतियोगिता के पुरस्कारों का वितरण व प्रदर्शनी भी किया जायेगा।
आज स्वामी अमूर्तानन्द शासकीय महाविद्यालय अंजड़ में महाविद्यालय डॉ उमेश कुमार काकेश्वर के मार्गदर्शन में व जन-भागीदारी समिति अध्यक्ष श्री गौरव जोशी द्वारा महाविद्यालय के विद्यार्थियों को गीता जयंती महोत्सव पर अपने उद्गार में गीता जी में उल्लेखित विचारों को जीवन में आत्मसात करने की बात बताई। अपने वक्तव्य में श्री गौरव जोशी ने प्रतिदिन गीता के 15 वे व 18 वे श्लोक को पढ़ने की सीख दी जिसे उपस्थित सभी विद्यार्थियों ने ध्यान पूर्वक सुना। महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ सुरेश काग ने अपने कथन में गीता जी को महान ग्रंथ बताते हुए गीता को हमारी महान धरोहर कहा जिससे हमें निष्काम कर्म, कर्तव्य पालन,शांत मन, ईश्वर पर विश्वास करने की सीख मिली । कार्यक्रम की संयोजक प्रोफेसर माया कनासे द्वारा विद्यार्थियों को श्रीमद्भागवत गीता के विचारों और ज्ञान को अपनाते हुए प्रेम, शांति और सद्भाव का संदेश जन जन तक पहुंचाने का आव्हान किया।
गीता जयंती के उपलक्ष्य कार्यक्रम के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ उमेश कुमार काकेश्वर, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ एम एस मोरी , प्रोफेसर विजय सोनगडे सहित महाविद्यालयीन स्टाफ व बड़ी संख्या में महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर सुभाष सोलंकी ने किया व आभार प्रोफेसर रवि नायक ने माना।
