
दिल्ली ब्लास्ट में नया अपडेट : अल-फलाह यूनिवर्सिटी के तीन प्रोफेसरों पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप
राहुल सेन मांडव
मो 9669141814
दिल्ली ब्लास्ट के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी Al-Falah University सुर्खियों में है। क्युकी ऐसा बताया जा रहा है की विश्वविद्यालय के तीन प्रोफेसर आतंकी गतिविधियों में शामिल है। जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ED ने विश्वविद्यालय और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, विश्वविद्यालय की मान्यता और नियमों का पालन करने को लेकर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने भी सवाल उठाए हैं।
यूनिवर्सिटी की वेबसाइट अचानक बंद कर दी गई है। इससे पहले, विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. भूपिंदर कौर आनंद ने स्पष्ट किया था कि इन आरोपित प्रोफेसरों के निजी मामलों का विश्वविद्यालय से कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही उनका कहना है कि विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक कार्यों और छात्रों की शिक्षा पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर रही है।
इस मामले से जुड़े तीनों आरोपितों में से दो अभी भी पुलिस हिरासत में हैं, जबकि एक आरोपी की दिल्ली ब्लास्ट में मौत हो गई थी। इस घटना ने विश्वविद्यालय और उसकी प्रशासनिक गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
NMC ने किया नोटिस जारी :
एनएमसी ने विश्वविद्यालय को “कारण बताओ” नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर मान्यता से जुड़ी गलत जानकारी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा, NAAC ने भी विश्वविद्यालय से स्पष्टीकरण मांगा है और निर्देश दिया है कि वेबसाइट से मान्यता से संबंधित सभी जानकारी तुरंत हटा दी जाए। नोटिस मिलने के बाद विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट बंद कर दी गई और परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
क्या ऐसे विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल शिक्षण और प्रशासनिक गतिविधियों तक सीमित है ?
इस प्रकार के मामलों में विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल शिक्षण और प्रशासनिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होता है कि उनके परिसर में कोई अवैध या असामाजिक गतिविधियां न हों। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना और पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक होता है।