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“फसल अवशेष (पराली) न जलाएँ, पर्यावरण बचाएँ”

उप संचालक, कृषि  विजय चौरसिया एवं सहायक कृषि यंत्री अंशुल बारोड द्वारा किसानों को दी समझाइश

आरीफ खान। उप संचालक, कृषि  विजय चौरसिया एवं सहायक कृषि यंत्री अंशुल बारोड द्वारा विकासखण्ड सुसनेर में निरीक्षण किया । ग्राम नाहरखेडा, उमरिया के सरपंच विक्रम सिंह एवं उपस्थित किसानों को समझाइश देते हुए कहा कि फसल कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेष (पराली) को ना जलाएँ। फसल अवशेष को जलाने के बजाय कृषि यंत्रों जैसे हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रा रीपर, स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, रोटावेटर आदि का उपयोग कर उसे मिट्टी में मिलाएँ, जिससे भूमि की गुणवत्ता सुधरती है और अगली फसल की उत्पादकता बढ़ती है।

फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरता कम होती है, वायु प्रदूषण बढ़ता है और स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि जो किसान फसल अवशेष जलाते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम एवं संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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