
हजारों गुजरात क़े वैष्णवों की 84 कोस पदयात्रा ने किया कामवन में पदार्पण
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां 9783029649
कामां डीग जिले के कस्वा कामां कामवन धाम में गुजरात पोरबंदर की 84 कोस पदयात्रा का कामवन में प्रवेश हुआ !
चन्द्रगोपाल गोस्वामी पोरबंदर क़े पावन सानिध्य में हजारों गुजरात क़े वैष्णवों की 84 कोस पदयात्रा ने किया कामवन में पदार्पण।
ब्रज चौरासी कोस यात्रा करते हुए गोस्वामीजी के सानिध्य में हज़ारों वैष्णवों व धर्मप्रेमियों ने तीर्थराज विमलकुण्ड के दर्शन व आचमन कर तीर्थराज विमलकुण्ड माहात्म्य मन्दिर श्री विमल बिहारी जी के सेवाधिकारी संजय लवानियां ने माहात्म्य सुनाते हुए बताया क़ि श्रीकृष्ण ने राजा विमल को सारुप्य भक्ति प्रदान की तथा 6 हजार रानियों सहित गरुड़ पर आरूढ़ कर गोलोक धाम भेज दिया। तीर्थराज विमलकुण्ड क़े प्राकट्य की कथा सुनाई। सभी ने राजा विमल व तीर्थराज की कथा श्रवण कर असीम आनन्द की अनुभूति की ।
श्री कृष्ण लीलाओं के अनन्त जीवन्त चिन्ह भक्तों की आस्था व श्रद्धा को असीमित कर देते हैं । तीर्थराज के स्वच्छ जल का आचमन व स्नान कर भक्तगण मंत्र-मुग्ध हो गये।
तीर्थराज विमलकुण्ड करोड़ों कृष्ण मतावलंबियों की आस्था का केन्द्र है़ जिसके दर्शनार्थ वर्षभर लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं । पौराणिक मान्यतानुसार तीर्थराज के दर्शन मात्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है़ । इसके दर्शन कर श्रद्धालु असीम शान्ति व परम आनन्द की अनुभूति करते हैं ।
वैष्णव तीन दिवस कामवन क़े अक्खड़बाडी मैदान में पालों में प्रवास कर कामवन की विभिन्न लीलास्थलियों क़े तीन दिवस दर्शन करेंगे।
प्रथम दिवस तीर्थराज विमलकुण्ड ,विमल बिहारी दर्शन ,परिक्रमा ,आचमन व स्नान आदि करेंगे। द्वितीय दिवस
जसोदा ,सेतुबंध रामेश्वर ,लंका ,गयाकुण्ड ,मनसा देवी ,चरण पहाड़ी,गोकुल चन्द्रमा जी ,मदनमोहन जी ,वृंदादेवी ,गोपीनाथजी ,चौरासी खम्भा क़े दर्शन करेंगे। तृतीय दिवस श्रीकुण्ड ,खिसलनी शिला ,भामासुर की गुफा ,भोजन थाली ,कामेश्वर महादेव ,पांच पांडव ,धरमकुण्ड आदि क़े दर्शन करेगी। यहां से यात्रा बरसाना को प्रस्थान कर जायेगी।