
न्यूज़ रिपोर्टर देवकरण माली
व्युत्पत्ति = अखिल भारतीय राज्य काउंसिल ने आज राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत “कोचिंग सेंटर कंट्रोल एवं वेल्यूएप 2025” का स्वागत किया है। काउंसिल का मानना है कि यह कैथोलिक क्षेत्र में छात्रों के हितों की रक्षा और शिक्षा क्षेत्र में स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पिछले कई वर्षों से कोचिंग में छात्रों पर अत्यधिक शुल्क, मानसिक दबाव, अव्यवस्थित व्यवस्था, परीक्षा के नतीजे और आत्महत्या जैसी गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं। अभाविप लगातार यह मांग कर रही है कि इन वामपंथियों पर नियंत्रण और संस्था की ठोस नीति बनाई जाए। राजस्थान सरकार द्वारा इसे दीर्घकालीन चिंता को दूर करने के लिए लाया गया था।
वैक्सनिया की प्रमुख विशेषताएं:
– कोचिंग कोचिंग की भर्ती एवं अंतिम प्रक्रिया अनिवार्य।
– फ़ेक संरचना में फ़्लैट और नियम।
– छात्रों पर दबाव एवं मानसिक शोषण पर रोक।
– योग्य परामर्शदाता और काउंसलर की आवश्यक नियुक्तियाँ।
– शैतान विज्ञापन और पौराणिक कथाओं पर चर्चा।
– सुरक्षा मानक का पालन एवं छात्र-हितों की रक्षा।
अभाविप के प्रांत मंत्री श्री विश्राम लोढ़ा ने कहा कि हमारा स्पष्ट मत है कि शिक्षा केवल व्यवसाय नहीं है, बल्कि समाज निर्माण का माध्यम है। जब कोचिंग संस्थान शिक्षा से अधिक व्यापार का रूप लेने लगे तो सरकार का हस्तक्षेप आवश्यक हो जाता है। यह मैक्सिकन शिक्षा जगत को संतुलित और प्रतिबंधित करता है। काउंसिल प्रदेश सरकार से स्पष्ट है कि इस कोचिंग के छात्रों में किसी भी स्तर पर सहमति न बनाई जाए और एक व्यापक निगरानी तंत्र विकसित किया जाए, ताकि कोचिंग में पढ़ने वाले लाखों छात्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
यूनिवर्सल मेट्रोपॉलिटन मंत्री श्री नारायण सिंह राणावत ने कहा कि अखिल भारतीय छात्र परिषद सभी कोचिंग कोचिंग से भी अपील करती है कि वे इस छात्रवृत्ति को छात्रों के लिए एक सकारात्मक अवसर के रूप में देखें और शिक्षा को व्यवसाय की बजाय राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाकर अपनी भूमिका निभाएं। काउंसिल आशा का मानना है कि यह पुस्तकालय राजस्थान शिक्षा क्षेत्र में एक आदर्श राज्य के रूप में लागू होगा और छात्रों का भविष्य अधिक सुरक्षित, अनुशासित और आभूषण आभूषण होगा।
