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कटनी माइनिंग कॉन्क्लेव-कॉन्क्लेव में लगभग दो हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें देश के विभिन्न राज्यों के निवेशक और उद्योगपति शामिल रहे।

कटनी माइनिंग कॉन्क्लेव में मिनरल एवं माईनिंग जैसे कोयला एवं ऊर्जा, ऊर्जा एवं हाइड्रोकार्बन, प्रौद्योगिकीय प्रगति, महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) और चूना पत्थर एवं सीमेंट पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समिट में शामिल होने वाले विषय-विशेषज्ञों और निवेशकों के साथ वन-टू-वन चर्चा भी की।
कॉन्क्लेव में लगभग दो हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें देश के विभिन्न राज्यों के निवेशक और उद्योगपति शामिल रहे।

हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के चेयरमैन संजीव कुमार सिंह ने कहा कि तांबा एक शाश्वत धातु है। भारत में तांबे के उपयोग का प्राचीन इतिहास रहा है। हमारी 12 मिलियन टन तांबा उत्पादन क्षमता में 5 टन मलजखंड खदान से आएगा। कंपनी ने 32 टन कॉपर राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग से मध्य प्रदेश को तांबा उत्पादन में अग्रणी बनाएंगे।माइनवेयर एडवायजर के एमडी कौशिक बोस ने कहा कि हमारी कंपनी मैकेनाइज माइनिंग करती है। राज्य में 450 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। प्रदेश सरकार का शुक्रिया अदा करते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजीव मुंद्रा (कोलकाता), जेपी अग्रवाल (श्रीलंका से), विवेक भाटिया (दिल्ली), वी साईंराम (कोचीन), थॉमस चेरियन (हैदराबाद) से उनकी निवेश योजनाओं एवं अनुभव को लेकर वर्चुअल संवाद किया।
उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि हम एक से डेढ़ साल में प्रदेश में ईकाई स्थपित कर पा रहे हैं। यह अन्य किसी राज्य में संभव नहीं है।
विवेक भाटिया ने कहा कि भारत में मध्य प्रदेश को बिल्कुल अलग तरह से देखा जा रहा है।
सीआईआई से जुड़ी 100 से अधिक माइनिंग कंपनियां मध्यप्रदेश के खनन क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं देख रही हैं। बीना रिफाइनरीज सहित अन्य स्थानों पर विभिन्न गतिविधियां संचालित हैं। कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां प्रदेश में निवेश बढ़ाना चाहती हैं।
वी साईंराम ने कहा कि हमारी कंपनी कोल इंडिया का 18 प्रतिशत कोल प्रोडक्शन कर रही है। सिंगरौली कोल प्रोडक्शन का बड़ा केंद्र है। केंद्र और राज्य सरकार की उद्योग केंद्रित नीतियों के बल पर हमें केवल 55 दिनों फॉरेस्ट क्लियरेंस मिला है।
थॉमस चेरियन ने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स देश के लिए महत्वपूर्ण है और मध्य प्रदेश में यह प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। आदित्य बिरला ग्रुप सरकार के साथ कार्य करने के लिए तैयार है।
कार्यक्रम में राज्य शासन ने क्रिटिकल मिनरल की खोज, प्रसंस्करण और संवर्धन के लिए कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू किया। शासन ने खनन क्षेत्र में आर्टिफियल इंटेलीजेन्स, आईओटी, ब्लॉक चेन, रिमोट सेंसिंग के उपयोग के मद्देनजर धनबाद की टेक्समिन आईएसएम के साथ भी एमओयू किया। इसी तरह खनिज अन्वेषण अनुसंधान के लिए राज्य शासन ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल के साथ भी एमओयू साइन किएहिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के चेयरमैन संजीव कुमार सिंह ने कहा कि तांबा एक शाश्वत धातु है। भारत में तांबे के उपयोग का प्राचीन इतिहास रहा है। हमारी 12 मिलियन टन तांबा उत्पादन क्षमता में 5 टन मलजखंड खदान से आएगा। कंपनी ने 32 टन कॉपर राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग से मध्य प्रदेश को तांबा उत्पादन में अग्रणी बनाएंगे।

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