
मौदहा से जिला ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा हमीरपुर । विकासखंड मौदहा के मदारपुर गांव में चन्द्रावल नदी पर करीब एक वर्ष पूर्व बनाया गया रपटा पहली ही बारिश में ध्वस्त हो गया। रपटा टूटने से मदारपुर गांव के साथ ही नदी के उस पार बसे डेरा के ग्रामीणों के आवागमन का मुख्य रास्ता बाधित हो गया है। रपटे की दुर्दशा को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

एक साल भी पूरा नहीं हुआ, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल; पांच भैंसों की मौत का दावा, बड़े हादसे की आशंका
ग्रामीणों का आरोप है कि रपटा निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके चलते एक साल भी पूरा होने से पहले ही पहली तेज बारिश में रपटा क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त हो गया। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का दावा है कि रपटा बनने के बाद अब तक पांच भैंसों की जान जा चुकी है और कई ग्रामीण भी हादसों में घायल हो चुके हैं। रपटा क्षतिग्रस्त होने के बाद रास्ते में विलायती बबूल और झाड़ियां फंस गई हैं, जिससे आवागमन और अधिक खतरनाक हो गया है।

ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कर रास्ते में फंसे विलायती बबूल व झाड़ियों को हटवाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते रास्ते को सुरक्षित नहीं कराया गया तो किसी बड़े हादसे या जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों ने जिलास्तरीय अधिकारियों से रपटा निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने, लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने तथा आवागमन के लिए सुरक्षित व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब रपटा एक साल भी नहीं झेल सका तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।


