अखंड भारत न्यूज़ | कोसली | होशियार सिंह- कोसली स्थित बाबा मुक्तेश्वरपुरी मठ-मंदिर की प्राचीन तपोभूमि, वटवृक्ष और हजारों वर्ष पुरानी चेतन धूने से छेड़छाड़ किए जाने के आरोपों को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि जेसीबी से खुदाई कर मठ परिसर की धार्मिक एवं प्राचीन धरोहर को नुकसान पहुंचाया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, 23 सितंबर 2018 को भी बाबा शिवपुरी पर मठ कमेटी के कुछ सदस्यों के साथ मिलीभगत कर प्राचीन तपोभूमि और चेतन धूने को खंडित करने का आरोप लगा था। उस समय ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए उन्हें मठ से बाहर कर दिया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि अब दोबारा मठ परिसर में जेसीबी से खुदाई कर प्राचीन चेतन धूने और धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाया गया है। इससे गांव और क्षेत्र के श्रद्धालुओं में काफी आक्रोश है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि मामले का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने, मठ-मंदिर की प्राचीन धरोहर और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि उपायुक्त रेवाड़ी द्वारा 9 जनवरी 2026 को जारी आदेश के तहत कोसली मठ-मंदिर की चल-अचल संपत्ति की देखरेख के लिए एसडीएम कोसली को प्रशासक नियुक्त किया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि मठ परिसर में किए गए वर्तमान कार्यों से इस प्राचीन धार्मिक धरोहर की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
