
इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर “प्रभुपाद स्मरण: अनसुनी यादें” नामक एक विशेष पुस्तक का भव्य विमोचन पूरे भारतवर्ष में किया जा रहा है। लेखक मनोज कुमार दास, जो हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) में कार्यरत एक वरिष्ठ पीएसयू कर्मचारी हैं, ने यह पुस्तक हृदय से लिखी है जिसमें श्रील प्रभुपाद से जुड़ी कई दुर्लभ, अनकही और प्रेरणादायक स्मृतियाँ शामिल हैं।
यह पुस्तक न केवल इस्कॉन के संस्थापक-आचार्य ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के जीवन की गौरवगाथा को दर्शाती है, बल्कि उनके भक्तों और अनुयायियों के अनुभवों के माध्यम से भक्ति की एक जीवंत झलक प्रस्तुत करती है। विशेष रूप से इसमें ओडिशा और दक्षिण भारत में प्रभुपाद की यात्राओं और इस्कॉन की स्थापना से जुड़ी कम ज्ञात घटनाओं को प्रमुखता दी गई है।
लेखक मनोज कुमार दास का उद्देश्य है कि आज की पीढ़ी न केवल प्रभुपाद की शिक्षाओं से लाभान्वित हो, बल्कि उनके त्याग, सेवा और प्रचार कार्य से प्रेरणा भी ले। पुस्तक हिंदी भाषा में लिखी गई है ताकि अधिकाधिक भारतीय जनसमुदाय इसे पढ़ सके और श्रील प्रभुपाद की अनमोल विरासत से जुड़ सके।
“प्रभुपाद स्मरण: अनसुनी यादें” अब Amazon, Flipkart, Google Books समेत प्रमुख ऑनलाइन बुक स्टोर्स पर उपलब्ध होगी, साथ ही कुछ शहरों में ऑफलाइन बुकस्टोर्स पर भी बिक्री के लिए प्रस्तुत की जाएगी।
इस्कॉन भक्त समुदाय एवं कृष्णभक्तों में इस पुस्तक को लेकर विशेष उत्साह है। जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर यह पुस्तक प्रभुपाद के चरणों में एक विनम्र श्रद्धांजलि स्वरूप मानी जा रही है।
