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*कटनी में मेडिकल कॉलेज पर विवाद: पीपीपी मॉडल का विरोध, ‘संदिग्ध’ संस्था का टेंडर निरस्त करने की मांग*
कटनी.
कटनी जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप ले चुकी है। युवक कांग्रेस प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को पत्र लिखकर कटनी में पीपीपी (PPP) मोड पर मेडिकल कॉलेज खोलने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने मांग की है कि कॉलेज को पूर्णतः शासकीय (Government) बनाया जाए और वर्तमान संस्था का टेंडर तत्काल निरस्त किया जाए।
*प्रमुख बिंदु और आरोप:*
*वादाखिलाफी का आरोप:* पत्र में उल्लेख किया गया है कि चुनावी वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और क्षेत्रीय विधायक संदीप जायसवाल ने जनता से पूर्ण शासकीय मेडिकल कॉलेज का वादा किया था। अब इसे पीपीपी मोड पर शिफ्ट करना जनता के साथ विश्वासघात बताया जा रहा है।
*संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल*: पत्र में आरोप लगाया गया है कि जिस संस्था (स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन) को टेंडर दिया गया है, उसकी पारिवारिक संस्था ‘आरकेडीएफ’ (RKDF) भोपाल पर फर्जी डिग्री बनाने के गंभीर आरोप हैं और एसटीएफ (STF) द्वारा कार्रवाई की जा चुकी है। ऐसी संस्था को कॉलेज सौंपना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया गया है।
*भूमिपूजन कार्यक्रम निरस्त:* जानकारी के अनुसार, 23 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा होने वाला भूमिपूजन कार्यक्रम अचानक निरस्त कर दिया गया, जिससे शासकीय राशि की बर्बादी का दावा किया गया है।
*जन आक्रोश*: एनएसयूआई (NSUI) और गैर-राजनीतिक संगठनों द्वारा लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। हाल ही में हुए ‘कटनी बंद’ को जनता का व्यापक समर्थन मिला था।
*आंदोलन की चेतावनी*
दिव्यांशु मिश्रा ने पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पीपीपी मोड का टेंडर निरस्त कर इसे शासकीय मेडिकल कॉलेज घोषित नहीं किया गया, तो जिले भर में अनवरत जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने इसे शिक्षा के बाजारीकरण को रोकने की लड़ाई बताया है।