
वहीं बुढार थाना अंर्तगत केशवाही चौकी क्षेत्र के हरीं नदी से भी रेत कारोबारी धड़ल्ले
से रेत उत्खनन कर रहे हैं। जानकार बताते हैं कि इन कारोबारियों के हौशले कुछ इस तरह बुलंद है कि शाम ढलते ही इनके कारोबार से जुड़े तमाम लोगों की सक्रियता बढ़ जाती है, और आलम यह होता है कि वन क्षेत्र से इनके वाहन रातभर रेत की निकासी करते हैं। इन पर लगाम लगानें को लेकर जहां यहां तैनात वर्दीधारियों का अमला चुप्पी साधे बैठा है वहीं वन विभाग के जिम्मेदार भी इन्हें मूक सहमत्ति देते नजर आ रहे हैं।
जरवाही में केस्सू ने फैलाया नेटवर्क तो केशवाही में अर्जुन और संजू का अवैध कारोबार सूत्र बताते हैं कि बीते एक पखवाड़े में जिले
जरवाही सहित केशवाही में भी
धड़ल्ले से जारी कारोबार…
पुलिस चौकी
केशवाही
में रेत ठेका प्राप्त कंपनी और जरवाही क्षेत्र में अवैध रेत कारोबारियों के बीच दो बार झड़प हो चुकी है, इतना ही नहीं मामला मारपीट तक भी पहुंचा, लेकिन आपसी तालमेल का खेल कुछ ऐसा था कि मामले को थानें की चौखट में पहुंचनें से पहले ही खत्म कर दिया गया। जानकारों में बताया कि डग्गी से लेकर ट्रैक्टर तक सबका
मामला फिक्स है और यही कारण है कि ठेका प्राप्त कंपनी के कारिंदे अवैध रेत कारोबारियों से पिटने के बाद भी चुप्पी साधे रहे। जानकारों कि मानें तो जरवाही क्षेत्र से अवैध रेत के कारोवार के नेटवर्क में स्थानीय जिम्मेदारों सहित कंपनी के कुछ लोगों के बीच आर्थिक तालमेल का कुछ ऐसा खेल हैं जिसके चलते मामला उच्च रहता है।
अधिकारियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इन अवैध रेत कारोबारियों के इस कारोबार से जहां ठेका प्राप्त कंपनी को लाखों का नुकसान हो रहा है वहीं तमाम जिम्मेदार इससे मोटी कमाई कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि जरवाही क्षेत्र में केस्सू व नानलाला नामक शख्स इस पूरे कारोबार का जिम्मा अपनें कंधे पर उठाये हुये हैं और इनके संरक्षण में स्थानीय स्तर पर रोजाना लाखों की रेत स्थानीय बाजार में खपाई जा रही है।
कुछ ऐसे ही हालात केशवाही चौकी क्षेत्र के हैं जहां रेत कारोबारियों का नेटवर्क हरी नदी के मुहानें पर से बेखौफ अवैध रेत का उत्खनन कर रहा है। सूत्र बताते हैं कि केशवाही के अर्जुन, खालिद, छोटू, संजू, सिप्पी नामक रेत कारोवारी बकायदे सभी जिम्मेदारों से तालमेल बना अपन इस कारोबार से मोटी कमाई कर रहे हैं। सूत्रों नै बताते हैं कि शाम ढलते ही इस क्षेत्र में रेत कारोबारियों का नेटवर्क सक्रिय हो जाता है और पूरी रात रेत उत्खनन व परिवहन का कार्य जारी