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आगरा में 56 दागी पुलिसकर्मी निलंबित, रिश्वत और लापरवाही के खिलाफ कड़ा कदम

6 मुंशी 12 दरोगा और कई अन्य पुलिस कर्मी शामिल

आगरा में पुलिस विभाग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, मात्र दो दिनों में 56 पुलिसकर्मी निलंबित! यूपी पुलिस की भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ चल रही इस अभियान में 12 दरोगा, 6 मुंशी सहित अन्य कई पुलिसकर्मी शामिल।

आगरा: यूपी पुलिस ने भ्रष्ट और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कड़ा प्रहार करते हुए मात्र दो दिनों में 56 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इसमें 12 दरोगा और 6 मुंशी भी शामिल हैं। पुलिस कमिश्नर जे रविन्दर गौड ने यह कदम उठाते हुए सभी जोन के डीसीपी को निलंबन के आदेश दिए थे।बृहस्पतिवार को पूर्वी और पश्चिमी जोन में पांच दरोगा सहित 25 पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है। इससे पहले बुधवार को भी 31 पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई थी।

कार्रवाई की वजहें:

– रिश्वत: पासपोर्ट सत्यापन में अवैध वसूली करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई।

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– लापरवाही: उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवेहलना और कार्य में लापरवाही।

डीसीपी पूर्वी अतुल कुमार शर्मा ने शमसाबाद में तैनात प्रशिक्षु महिला दरोगा मिनाली चौधरी और डौकी में तैनात मुख्य आरक्षी सुबोध कुमार को निलंबित किया है। इन पर पासपोर्ट सत्यापन में अवैध वसूली के आरोप थे। जांच में आवेदकों ने वसूली की पुष्टि की, जिसके बाद कार्रवाई की गई।

डीसीपी सिटी पश्चिमी सोनम कुमार ने पांच दरोगा, एक कंप्यूटर ऑपरेटर और उर्दू अनुवादक सहित 25 पुलिस कर्मियों को निलंबित किया है। इन पर कार्य में लापरवाही और उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवेहलना के आरोप थे।

आगे की कार्रवाई:

पुलिस कमिश्नर जे रविन्दर गौड के अनुसार, अनैतिक गतिविधियों में लिप्त अन्य पुलिसकर्मियों की सूची भी तैयार की जा रही है। कमिश्नरेट के पश्चिमी जोन में चार दरोगा, एक कंप्यूटर ऑपरेटर, एक अनुवादक सहित 23 मुख्य आरक्षी और आरक्षी निलंबित हुए हैं।

इस कार्रवाई का उद्देश्य यूपी पुलिस की छवि सुधारना और जनता में विश्वास बहाल करना है। बिना रिश्वत के दरोगा पासपोर्ट सत्यापन की रिपोर्ट नहीं लगा रहे थे, जिससे यह कदम उठाना पड़ा।

डीसीपी पश्चिम सोनम कुमार ने बताया कि दरोगा सुविधा शुल्क मांगते थे। मुख्य आरक्षी और आरक्षियों में शामिल बीट पुलिस अधिकारी (बीपीओ) उच्च अधिकारियों के आदेशों को नहीं मान रहे थे। एसीपी के आदेशों की अवेहलना पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

पुलिस कमिश्नर गौड ने यह स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या पुलिसकर्मियों की लापरवाही की सूचना तुरंत दें।

यह कार्रवाई यूपी पुलिस की छवि सुधारने और जनता में विश्वास बहाल करने के उद्देश्य से की गई है।

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