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कोसली गांव में सरकारी अस्पताल के पास कूड़े का डंपयार्ड, पेयजल व्यवस्था पर भी उठे सवाल

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अखंड भारत न्यूज, रिपोर्टर: होशियार सिंह, कोसली (रेवाड़ी)
शिकायतकर्ता रवि कुमार ने कहा—15 दिसंबर 2025 से लगातार उठा रहे हैं मामला, शिकायतों व आरटीआई के बावजूद समाधान का इंतजार

कोसली स्थित सरकारी अस्पताल के ठीक पास बनाए गए कूड़े के डंपयार्ड को लेकर क्षेत्र के लोगों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। अस्पताल में जहां मरीजों के उपचार के साथ स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण की आवश्यकता रहती है, वहीं अस्पताल के नजदीक प्रतिदिन कूड़ा एकत्रित होने को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं।

स्थानीय निवासी रवि कुमार ने सोशल मीडिया के माध्यम से मामले को उठाते हुए बताया कि अस्पताल के पास बनाए गए डंपयार्ड में रोजाना कूड़ा जमा होता है। उनका कहना है कि इस संबंध में उन्होंने 15 दिसंबर 2025 से लगातार शिकायतें कीं, आवेदन दिए, आरटीआई लगाई, अधिकारियों से मुलाकात की और मौके की स्थिति को लेकर वीडियो भी तैयार किया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अभी तक नहीं हो पाया है।

रवि कुमार ने पेयजल व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इसी क्षेत्र में पानी की बड़ी टंकियां मौजूद हैं, जिनसे कोसली तथा आसपास के गांवों में पेयजल आपूर्ति की जाती है। वहीं, पंचायत की ओर से घरों में पेयजल खराब आने की बात स्वीकार किए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि अस्पताल के पास कूड़ा डंप किए जाने की अनुमति किस आधार पर दी गई है और क्या यहां ठोस कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन किया जा रहा है? साथ ही उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता और उसकी सुरक्षा को लेकर संबंधित विभागों से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि यह मामला किसी राजनीतिक विवाद से जुड़ा नहीं, बल्कि मरीजों, बच्चों, बुजुर्गों तथा क्षेत्र के प्रत्येक परिवार के स्वास्थ्य से संबंधित है। उन्होंने प्रशासन से अस्पताल के पास बने डंपयार्ड की निष्पक्ष जांच कराने, कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था की समीक्षा करने तथा क्षेत्र में पेयजल की गुणवत्ता की जांच करवाने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से शिकायतें दिए जाने के बावजूद यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो संबंधित अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक ठोस कदम उठाता है

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